अहोई अष्टमी कब है?
अहोई अष्टमी 2026 में 1 नवंबर 2026, रविवार को है। यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शाम को मनाया जाता है।

अहोई अष्टमी: तारीख़ और समय
| साल | तारीख़ | तिथि (कृष्ण अष्टमी) | पूजा का समय (नई दिल्ली) |
|---|---|---|---|
| 2026 | 1 नवंबर 2026, रविवार | दोपहर 2:52, 1 नवंबर से दोपहर 1:11, 2 नवंबर तक | प्रदोष काल: शाम 5:36 से रात 8:00 तक |
| 2027 | 22 अक्टूबर 2027, शुक्रवार | सुबह 11:56, 22 अक्टूबर से सुबह 10:00, 23 अक्टूबर तक | प्रदोष काल: शाम 5:45 से रात 8:09 तक |
संतान की लंबी आयु के लिए माताओं का व्रत। इसकी पूजा प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में होती है, इसलिए वह दिन लिया जाता है जिस शाम यह तिथि हो।
अहोई अष्टमी का महत्व
📖 अहोई अष्टमी की कथा पढ़ें — सरल हिंदी में
कहाँ मनाया जाता है: उत्तर भारत, ख़ासकर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान
करवा चौथ के चार दिन बाद माताएँ अपनी संतान की लंबी आयु और खुशहाली के लिए अहोई माता का व्रत रखती हैं। शाम को तारे देखकर व्रत खोला जाता है।
अहोई अष्टमी की पूजा विधि
- दिन भर व्रत रखें।
- दीवार पर अहोई माता और स्याहु (साही) का चित्र बनाएँ या कैलेंडर लगाएँ।
- शाम को पूजा करके अहोई माता की कथा सुनें।
- तारे निकलने पर उन्हें अर्घ्य देकर व्रत खोलें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अहोई अष्टमी 2026 कब है?
अहोई अष्टमी 2026 में 1 नवंबर 2026, रविवार को है। यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शाम को मनाया जाता है।
अहोई अष्टमी किस तिथि को मनाया जाता है?
कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष, अष्टमी। इसकी पूजा प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में होती है, इसलिए वह दिन लिया जाता है जिस शाम यह तिथि हो।
अहोई अष्टमी का महत्व क्या है?
संतान की लंबी आयु के लिए माताओं का व्रत।
अहोई अष्टमी का व्रत कैसे खोलते हैं?
शाम को तारे दिखने पर तारों को अर्घ्य देकर। कुछ परिवारों में चंद्रोदय पर व्रत खोला जाता है।
Ahoi Ashtami 2026 date?
Ahoi Ashtami 2026: 01 November 2026 (1 नवंबर 2026, रविवार).
