व्रत कथा संग्रह
20 व्रत और त्योहारों की कथाएँ — पारंपरिक कथा, OmKiran Bhakti के सरल शब्दों में। हर कथा के साथ उस व्रत की तारीख़, पूजा विधि और आरती का लिंक।

सुहाग और संतान के व्रत
- करवा चौथ व्रत कथाकरवा चौथ की सबसे प्रचलित कथा रानी वीरावती की है, जिनके भाइयों ने छल से…
- अहोई अष्टमी व्रत कथाअहोई अष्टमी का व्रत माताएँ अपनी संतान की लंबी आयु और सुख के लिए रखती ह…
- छठ पूजा की कथाछठ की प्रचलित कथा राजा प्रियव्रत की है, जिनके मृत जन्मे पुत्र को षष्ठी…
- हरियाली तीज की कथाहरियाली तीज की कथा में भगवान शिव स्वयं माता पार्वती को याद दिलाते हैं …
- हरतालिका तीज की कथा‘हरत’ का अर्थ है हरण करना (ले जाना) और ‘आलिका’ का अर्थ है सखी। माता पा…
- कजरी तीज की कथाकजरी तीज की प्रचलित कथा एक गरीब ब्राह्मण दंपति की है। पत्नी के व्रत के…
- गणगौर की कथागणगौर की कथा में चैत्र शुक्ल तृतीया को शिव जी और माता पार्वती धरती पर …
- जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत कथाजितिया व्रत में दो कथाएँ सुनी जाती हैं: राजा जीमूतवाहन की, जिन्होंने ए…
- हलषष्ठी (ललही छठ) की कथाहलषष्ठी की प्रचलित कथा एक ग्वालिन की है, जिसने व्रत रखने वाली स्त्रियो…
- बहुला चौथ की कथाबहुला चौथ की कथा श्रीकृष्ण की गाय बहुला की है। जंगल में शेर ने उसे रोक…
दिवाली और कार्तिक के पर्व
- धनतेरस की कथाधनतेरस की प्रचलित कथा राजा हिम के पुत्र की है, जिसकी पत्नी ने दीपक और …
- दिवाली की कथादिवाली की पूजा में साहूकार की बेटी और माँ लक्ष्मी की कथा सुनी जाती है,…
- गोवर्धन पूजा की कथाब्रजवासी हर साल इंद्र की पूजा करते थे। श्रीकृष्ण ने उन्हें गोवर्धन पर्…
- भाई दूज की कथाभाई दूज की कथा यमराज और उनकी बहन यमुना की है। यमुना के बार-बार बुलाने …
- तुलसी विवाह की कथातुलसी माता पूर्व जन्म में वृंदा थीं, जो असुर जालंधर की पतिव्रता पत्नी …
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
व्रत कथा कब सुननी चाहिए?
पूजा के बाद, आरती से पहले। कथा सुनते समय हाथ में अक्षत (चावल) या फूल रखकर अंत में भगवान को चढ़ाए जाते हैं।
क्या व्रत कथा पढ़ना ज़रूरी है?
परंपरा में व्रत कथा सुने या पढ़े बिना व्रत अधूरा माना जाता है। कथा व्रत का महत्व और उसके पीछे की सीख बताती है।
तीज की कितनी कथाएँ हैं?
तीन प्रमुख तीज की अलग कथाएँ हैं: हरियाली तीज (सावन), कजरी तीज (भाद्रपद कृष्ण) और हरतालिका तीज (भाद्रपद शुक्ल)।
