आज का पंचांग
आज की तिथि, शुभ मुहूर्त, राहु काल और व्रत-त्योहार, सरल भाषा में। यह पेज हर दिन अपने आप बदल जाता है।

रोज़ काम आने वाला
- मंदिरों के लाइव दर्शनराम मंदिर, महाकाल, खाटू श्याम, गंगा आरती और 19 जगहें
- आज का चौघड़िया65 शहरों का शुभ समय
- जन्म तिथि और राशि कैलकुलेटरनाम अक्षर, नक्षत्र, तिथि वाला जन्मदिन
- पंचक कब है?21 अक्टूबर 2026 से 25 अक्टूबर 2026
- भद्रा कब है?आज और अगले 75 दिन
- खरमास कब है?16 दिसंबर 2026 से
- गंडमूल नक्षत्र कब है?आज और अगले 75 दिन
- त्योहार कब है? सीधे जवाबएकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या और हर त्योहार
- करवा चौथ 2026: शहरवार चाँद निकलने का समयशहरवार समय
- दिवाली 2026: शहरवार लक्ष्मी पूजा मुहूर्तशहरवार समय
- छठ पूजा 2026: शहरवार अर्घ्य का समयशहरवार समय
- नवरात्रि 2026: अष्टमी-नवमी कब है?शहरवार समय
- अष्टमी कब है 2026?शहरवार समय
- नवमी कब है 2026?शहरवार समय
- दशहरा 2026: विजय मुहूर्त और रावण दहनशहरवार समय
18 अक्टूबर 2026, रविवार
शुक्ल पक्ष सप्तमी
आश्विन मास, विक्रम संवत 2083 · आज सुबह 8:29 तक, फिर अष्टमी
- सूर्योदय / सूर्यास्त
- सुबह 6:23 / शाम 5:48
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा
- ब्रह्म मुहूर्त ध्यान, जप, पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा
- सुबह 4:47 – सुबह 5:35
- अभिजीत मुहूर्त नया काम शुरू करने का शुभ समय
- सुबह 11:43 – दोपहर 12:29
- राहु काल इस समय नया शुभ काम शुरू न करें
- शाम 4:23 – शाम 5:48
- प्रदोष काल शाम की पूजा, दीपदान
- शाम 5:48 – रात 8:12
आज के व्रत और त्योहार
- नवरात्रि — माँ महागौरी दिन भर
समय नई दिल्ली के हिसाब से हैं; दूसरे शहरों में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है। पूरा पंचांग और शब्दों का मतलब
अगले 7 दिन
| तारीख़ | तिथि | नक्षत्र | व्रत / त्योहार |
|---|---|---|---|
| 18 अक्टूबररविवार | शुक्ल सप्तमी | पूर्वाषाढ़ा | नवरात्रि — माँ महागौरी |
| 19 अक्टूबरसोमवार | शुक्ल अष्टमी | उत्तराषाढ़ा | नवरात्रि — माँ महागौरी, नवरात्रि — माँ सिद्धिदात्री |
| 20 अक्टूबरमंगलवार | शुक्ल नवमी | श्रवण | दशहरा (विजयादशमी) |
| 21 अक्टूबरबुधवार | शुक्ल दशमी | धनिष्ठा | — |
| 22 अक्टूबरगुरुवार | शुक्ल एकादशी | शतभिषा | पापांकुशा एकादशी |
| 23 अक्टूबरशुक्रवार | शुक्ल द्वादशी | पूर्वा भाद्रपद | — |
| 24 अक्टूबरशनिवार | शुक्ल त्रयोदशी | उत्तरा भाद्रपद | — |
आने वाले त्योहार
- दशहरा (विजयादशमी)मंगलवार · पूजा: दोपहर बाद
- शरद पूर्णिमारविवार · पूजा: रात में, चाँद निकलने पर
- करवा चौथगुरुवार · पूजा: रात में, चाँद निकलने पर
- अहोई अष्टमीरविवार · पूजा: शाम को
- धनतेरसशुक्रवार · पूजा: शाम को
- दिवाली (लक्ष्मी पूजा)रविवार · पूजा: शाम को
- नरक चतुर्दशी (रूप चौदस, छोटी दिवाली)रविवार · पूरे दिन — सुबह से
- गोवर्धन पूजामंगलवार · पूरे दिन — सुबह से
पंचांग के शब्दों का आसान मतलब
- तिथि
- चंद्रमा के घटने-बढ़ने से बना हिंदू कैलेंडर का दिन। एक महीने में 30 तिथियाँ होती हैं, 15 शुक्ल पक्ष (चाँद बढ़ता है) और 15 कृष्ण पक्ष (चाँद घटता है) में। व्रत-त्योहार तिथि से तय होते हैं, तारीख़ से नहीं।
- उदया तिथि
- सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है। इसीलिए कभी-कभी एक तिथि दो दिन या एक भी दिन नहीं पड़ती।
- नक्षत्र
- आकाश को 27 हिस्सों में बाँटा गया है, जिन्हें नक्षत्र कहते हैं। चंद्रमा जिस हिस्से में होता है, वह उस दिन का नक्षत्र है।
- ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पहले का 48 मिनट का समय। ध्यान, जाप, पूजा और पढ़ाई के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर के बीच का लगभग 48 मिनट का समय, जिसे दिन का सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है। कोई नया काम शुरू करना हो और दूसरा मुहूर्त न मिले, तो यह लिया जाता है। बुधवार को इसे नहीं माना जाता।
- राहु काल
- दिन का लगभग डेढ़ घंटे का हिस्सा, जो हर वार अलग समय पर आता है। इसमें नया या शुभ काम शुरू करने से बचा जाता है; रोज़ के काम चलते रहते हैं।
- प्रदोष काल
- सूर्यास्त के बाद लगभग ढाई घंटे का समय। शिव पूजा, दीपदान और दिवाली-धनतेरस की पूजा इसी समय होती है।
- पूर्णिमांत मास
- उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा के अगले दिन से शुरू होता है। इसलिए कृष्ण पक्ष में उत्तर भारत का महीना, गुजरात-महाराष्ट्र के महीने से एक आगे होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आज कौन सी तिथि है?
18 अक्टूबर 2026, रविवार को सूर्योदय के समय शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है (आश्विन मास)। यह पेज हर दिन अपने आप बदल जाता है।
राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए?
राहु काल में नया काम, सौदा, यात्रा की शुरुआत या शुभ संस्कार शुरू करने से बचा जाता है। पहले से चल रहे काम इसमें किए जा सकते हैं।
पंचांग किस शहर का है?
सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त पर आधारित हैं। उत्तर भारत के दूसरे शहरों में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
