धनतेरस कब है?
धनतेरस 2026 में 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को है। यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को शाम को मनाया जाता है।

धनतेरस: तारीख़ और समय
| साल | तारीख़ | तिथि (कृष्ण त्रयोदशी) | पूजा का समय (नई दिल्ली) |
|---|---|---|---|
| 2026 | 6 नवंबर 2026, शुक्रवार | सुबह 10:31, 6 नवंबर से सुबह 10:49, 7 नवंबर तक | प्रदोष काल: शाम 5:32 से रात 7:56 तक |
| 2027 | 27 अक्टूबर 2027, बुधवार | रात 1:04, 27 अक्टूबर से रात 10:50, 27 अक्टूबर तक | प्रदोष काल: शाम 5:40 से रात 8:04 तक |
धन्वंतरि और कुबेर पूजा, बर्तन और सोना खरीदने का दिन। इसकी पूजा प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में होती है, इसलिए वह दिन लिया जाता है जिस शाम यह तिथि हो।
धनतेरस का महत्व
📖 धनतेरस की कथा पढ़ें — सरल हिंदी में
कहाँ मनाया जाता है: पूरे भारत में
धनतेरस से पाँच दिन का दिवाली उत्सव शुरू होता है। समुद्र मंथन से इसी दिन भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए यह आयुर्वेद और स्वास्थ्य का भी दिन है।
इस दिन बर्तन, सोना-चाँदी, झाड़ू और धनिया ख़रीदना शुभ माना जाता है। शाम को यम दीपक भी जलाया जाता है।
धनतेरस की पूजा विधि
- शाम को प्रदोष काल में भगवान धन्वंतरि, कुबेर और माँ लक्ष्मी की पूजा करें।
- नई ख़रीदी चीज़ें पूजा में रखें।
- घर के बाहर दक्षिण दिशा में यमराज के लिए चौमुखा दीपक जलाएँ।
सुनें और साथ गाएँ
17:33महालक्ष्मी मंत्र — 108 बार (धन और सुख-शांति)
OmKiran Bhakti
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
धनतेरस 2026 कब है?
धनतेरस 2026 में 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को है। यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को शाम को मनाया जाता है।
धनतेरस किस तिथि को मनाया जाता है?
कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष, त्रयोदशी। इसकी पूजा प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में होती है, इसलिए वह दिन लिया जाता है जिस शाम यह तिथि हो।
धनतेरस का महत्व क्या है?
धन्वंतरि और कुबेर पूजा, बर्तन और सोना खरीदने का दिन।
धनतेरस पर क्या ख़रीदना चाहिए?
पीतल या स्टील के बर्तन, सोना-चाँदी, झाड़ू, धनिया के बीज और गोमती चक्र ख़रीदना शुभ माना जाता है।
Dhanteras 2026 date?
Dhanteras 2026: 06 November 2026 (6 नवंबर 2026, शुक्रवार).
