OmKiran BhaktiOmKiran Bhaktiभजन, आरती, चालीसा और मंत्र

गंगा सप्तमी कब है?

गंगा सप्तमी 2027 में 12 मई 2027, बुधवार को है। यह वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को दोपहर में मनाया जाता है।

गंगा सप्तमी

गंगा सप्तमी: तारीख़ और समय

सालतारीख़तिथि (शुक्ल सप्तमी)पूजा का समय (नई दिल्ली)
202712 मई 2027, बुधवाररात 1:24, 12 मई से
रात 11:14, 12 मई तक
मध्याह्न: सुबह 10:56 से दोपहर 1:38 तक

माँ गंगा के पुनः प्रकट होने का दिन। इसकी पूजा दोपहर (मध्याह्न) में होती है, इसलिए वह दिन लिया जाता है जिसकी दोपहर में यह तिथि हो।

गंगा सप्तमी का महत्व

कहाँ मनाया जाता है: पूरे भारत में, ख़ासकर हरिद्वार, प्रयागराज और वाराणसी

कथा के अनुसार गंगा जी के तेज़ बहाव से जह्नु ऋषि का आश्रम बह गया, तो उन्होंने गंगा को पी लिया। भगीरथ की प्रार्थना पर उन्होंने इसी दिन गंगा को अपने कान से फिर बाहर निकाला। इसलिए गंगा को ‘जाह्नवी’ भी कहते हैं।

गंगा सप्तमी की पूजा विधि

  1. गंगा स्नान करें या नहाने के पानी में गंगाजल मिलाएँ।
  2. माँ गंगा की आरती करें और दीपदान करें।
  3. दान-पुण्य करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गंगा सप्तमी 2027 कब है?

गंगा सप्तमी 2027 में 12 मई 2027, बुधवार को है। यह वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को दोपहर में मनाया जाता है।

गंगा सप्तमी किस तिथि को मनाया जाता है?

वैशाख मास, शुक्ल पक्ष, सप्तमी। इसकी पूजा दोपहर (मध्याह्न) में होती है, इसलिए वह दिन लिया जाता है जिसकी दोपहर में यह तिथि हो।

गंगा सप्तमी का महत्व क्या है?

माँ गंगा के पुनः प्रकट होने का दिन।

गंगा सप्तमी और गंगा दशहरा में क्या अंतर है?

गंगा सप्तमी पर गंगा जह्नु ऋषि के कान से फिर प्रकट हुईं, और गंगा दशहरा पर वे धरती पर उतरीं।

Ganga Saptami 2027 date?

Ganga Saptami 2027: 12 May 2027 (12 मई 2027, बुधवार).

चैनल से जुड़ें