हरियाली अमावस्या कब है?
हरियाली अमावस्या 2027 में 2 अगस्त 2027, सोमवार को है। यह श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को सुबह से मनाया जाता है।

हरियाली अमावस्या: तारीख़ और समय
| साल | तारीख़ | तिथि (कृष्ण अमावस्या) | पूजा का समय (नई दिल्ली) |
|---|---|---|---|
| 2027 | 2 अगस्त 2027, सोमवार | रात 7:21, 1 अगस्त से दोपहर 3:35, 2 अगस्त तक | सूर्योदय: सुबह 5:42 |
सावन की अमावस्या, पेड़ लगाने और पितरों के तर्पण का दिन। जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन त्योहार मनाया जाता है।
हरियाली अमावस्या का महत्व
कहाँ मनाया जाता है: राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
सावन की अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहते हैं। यह प्रकृति और पेड़-पौधों का पर्व है। इस दिन पेड़ लगाना और पितरों का तर्पण करना शुभ माना जाता है।
हरियाली अमावस्या की पूजा विधि
- पवित्र नदी या घर पर स्नान करें।
- पितरों के लिए तर्पण और दान करें।
- पीपल, बरगद, नीम या तुलसी का पौधा लगाएँ।
- शिव जी की पूजा करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हरियाली अमावस्या 2027 कब है?
हरियाली अमावस्या 2027 में 2 अगस्त 2027, सोमवार को है। यह श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को सुबह से मनाया जाता है।
हरियाली अमावस्या किस तिथि को मनाया जाता है?
श्रावण मास, कृष्ण पक्ष, अमावस्या। जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन त्योहार मनाया जाता है।
हरियाली अमावस्या का महत्व क्या है?
सावन की अमावस्या, पेड़ लगाने और पितरों के तर्पण का दिन।
हरियाली अमावस्या पर कौन से पेड़ लगाने चाहिए?
परंपरा में पीपल, बरगद, नीम, आंवला, बेल और तुलसी लगाना शुभ माना गया है।
Hariyali Amavasya 2027 date?
Hariyali Amavasya 2027: 02 August 2027 (2 अगस्त 2027, सोमवार).
