काली पूजा कब है?
काली पूजा 2026 में 8 नवंबर 2026, रविवार को है। यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को आधी रात को मनाया जाता है।

काली पूजा: तारीख़ और समय
| साल | तारीख़ | तिथि (कृष्ण अमावस्या) | पूजा का समय (नई दिल्ली) |
|---|---|---|---|
| 2026 | 8 नवंबर 2026, रविवार | सुबह 11:29, 8 नवंबर से दोपहर 12:32, 9 नवंबर तक | निशीथ काल: रात 11:40 से रात 12:28 तक |
| 2027 | 28 अक्टूबर 2027, गुरुवार | रात 8:49, 28 अक्टूबर से रात 7:07, 29 अक्टूबर तक | निशीथ काल: रात 11:40 से रात 12:28 तक |
दिवाली की आधी रात को माँ काली की पूजा, बंगाल का प्रमुख पर्व। इसकी मुख्य पूजा आधी रात (निशीथ काल) में होती है, इसलिए वह रात ली जाती है जिसमें यह तिथि हो।
काली पूजा का महत्व
कहाँ मनाया जाता है: पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और त्रिपुरा
जिस अमावस्या की रात उत्तर भारत में लक्ष्मी पूजा होती है, उसी रात बंगाल और पूर्वी भारत में माँ काली (श्यामा) की पूजा होती है। मान्यता है कि माँ काली बुराई और भय का नाश करती हैं।
काली पूजा की पूजा विधि
- रात में निशीथ काल (आधी रात) में पूजा होती है।
- माँ काली को लाल गुड़हल (जबा) के फूल चढ़ाए जाते हैं।
- दीपक जलाकर घर रोशन किया जाता है।
- काली मंत्र और आरती के साथ भोग लगाया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
काली पूजा 2026 कब है?
काली पूजा 2026 में 8 नवंबर 2026, रविवार को है। यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को आधी रात को मनाया जाता है।
काली पूजा किस तिथि को मनाया जाता है?
कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष, अमावस्या। इसकी मुख्य पूजा आधी रात (निशीथ काल) में होती है, इसलिए वह रात ली जाती है जिसमें यह तिथि हो।
काली पूजा का महत्व क्या है?
दिवाली की आधी रात को माँ काली की पूजा, बंगाल का प्रमुख पर्व।
काली पूजा और दिवाली एक ही दिन होती है?
हाँ, दोनों कार्तिक अमावस्या की रात होती हैं। उत्तर भारत में प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजा होती है और बंगाल में आधी रात को काली पूजा।
Kali Puja 2026 date?
Kali Puja 2026: 08 November 2026 (8 नवंबर 2026, रविवार).
