आज के लाइव दर्शन

स्रोत: मंदिर का आधिकारिक YouTube चैनल “Shree Kashi Vishwanath Mandir Trust” — मंदिर ट्रस्ट के नाम वाला चैनल, जिस पर नियमित ‘लाइव दर्शन’ प्रसारण होता है। वीडियो के सभी अधिकार उन्हीं के हैं। सभी मंदिरों के लाइव दर्शन
दर्शन और आरती का समय
| क्या | समय | प्रवेश |
|---|---|---|
| मंगला आरती | सुबह 3:00 – 4:00 (रिपोर्टिंग 2:30) | गेट नंबर 1, सिर्फ़ टिकट वाले |
| दर्शन | सुबह 4:00 – 11:00 | किसी भी गेट से |
| भोग आरती | सुबह 11:15 – दोपहर 12:20 | किसी भी गेट से |
| दर्शन | दोपहर 12:20 – शाम 7:00 | किसी भी गेट से |
| सप्तर्षि आरती | शाम 7:00 – 8:15 | किसी भी गेट से |
| दर्शन | रात 8:30 – 9:00 | किसी भी गेट से |
| श्रृंगार आरती | रात 9:00 – 10:15 | किसी भी गेट से |
समय श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के आधिकारिक FAQ के अनुसार।
टिकट और बुकिंग
| सेवा | शुल्क |
|---|---|
| आम दर्शन | मुफ़्त |
| सुगम दर्शन (शास्त्री साथ ले जाते हैं, प्रसाद और लॉकर शामिल) | ₹300 प्रति व्यक्ति |
| मंगला आरती | ₹500 प्रति व्यक्ति |
| भोग, सप्तर्षि और श्रृंगार आरती | ₹300 प्रति व्यक्ति |
| दिव्यांग भक्त | मुफ़्त, बिना कतार के दर्शन |
| 12 साल से छोटे बच्चे | टिकट नहीं लगता |
बुकिंग: shrikashivishwanath.org या ‘Shri Kashi Vishwanath’ ऐप। काउंटर: हेल्पडेस्क, YSK-1, YSK-2, YSK-3, मंदिर चौक, मंदिर परिसर और दशाश्वमेध घाट। आरती का पैसा दान माना जाता है, इसलिए रद्द नहीं होता और तारीख़ नहीं बदलती। सावन के सोमवार और बड़े त्योहारों पर सुगम दर्शन बंद रह सकता है।
जाने से पहले ज़रूरी बातें
- मोबाइल, स्मार्टवॉच, पेन जैसी कोई भी चीज़ अंदर नहीं जाती। मंदिर चौक, YSK-1, 2, 3 और हेल्पडेस्क पर मुफ़्त लॉकर हैं।
- कोई तय ड्रेस कोड नहीं है, पर सादे और शालीन कपड़े पहनकर जाएँ।
- गंगा घाट की ओर से गेट नंबर 1 से प्रवेश होता है; हेल्पडेस्क गेट नंबर 4 के पास है।
- हेल्पलाइन: 6393131608 (कॉल / WhatsApp), ईमेल support@shrikashivishwanath.org।
- नकली वेबसाइटों से सावधान: इंटरनेट पर इस मंदिर के नाम से मिलती-जुलती कई वेबसाइटें और WhatsApp नंबर ‘VIP दर्शन’ या टिकट बेचते हैं। बुकिंग सिर्फ़ नीचे दी गई आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से करें, किसी एजेंट को पहले से पैसे न भेजें।
कैसे पहुँचें
- रेल: वाराणसी जंक्शन (कैंट) से मंदिर लगभग 5 किमी।
- हवाई: लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा (बाबतपुर), लगभग 25 किमी।
- नाव से: दशाश्वमेध या ललिता घाट उतरकर गंगा द्वार से सीधे धाम में।
भीड़ कब कम रहती है
सोमवार, सावन, महाशिवरात्रि और देव दीपावली पर सबसे ज़्यादा भीड़ होती है। हफ़्ते के बीच दोपहर बाद का समय सबसे आसान रहता है। शाम को दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती भी ज़रूर देखें।
जानकारी की जाँच: 26 अक्टूबर 2026। आधिकारिक वेबसाइट: shrikashivishwanath.org। मंदिर समय, शुल्क और नियम बदलते रहते हैं — यात्रा या भुगतान से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर ज़रूर देखें।
