करवा चौथ व्रत के नियम
करवा चौथ पर सूर्योदय से पहले सरगी खाकर पूरे दिन निर्जला व्रत रखा जाता है, शाम को करवा माता की पूजा और कथा होती है, और चाँद को अर्घ्य देकर पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोला जाता है।

✅ क्या करें
- सूर्योदय से पहले सरगी खाएँ और पानी पिएँ।
- सोलह शृंगार करें, लाल या चटकीले रंग पहनें।
- शाम को करवा माता की पूजा करें और कथा सुनें।
- चाँद को करवे से अर्घ्य देकर, छलनी से देखकर व्रत खोलें।
- सास या बड़ों को बायना (सुहाग का सामान और मिठाई) दें।
❌ क्या न करें
- परंपरा में सफ़ेद और काले कपड़े पहनने से बचा जाता है।
- चाँद को अर्घ्य देने से पहले व्रत न खोलें।
- कई परिवारों में इस दिन सुई-धागे, कैंची का काम नहीं किया जाता।
- किसी से झगड़ा या कड़वे शब्द न बोलें।
ये नियम परंपरा और मान्यताओं पर आधारित हैं; अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में इनमें अंतर हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
करवा चौथ पर पानी कब पी सकते हैं?
सरगी के समय, सूर्योदय से पहले। उसके बाद चाँद को अर्घ्य देने तक निर्जला व्रत रहता है।
गर्भवती महिलाएँ करवा चौथ कैसे रखें?
स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर फलाहार या जल के साथ व्रत रख सकती हैं; डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।
