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पंचक कब है?

अगला पंचक 21 अक्टूबर 2026, बुधवार — सुबह 7:00 से शुरू होकर 25 अक्टूबर 2026, रविवार — रात 7:22 तक रहेगा। यह बुधवार वाला पंचक है (बुधवार से शुरू — इसे कम दोष वाला माना जाता है)। नीचे 2027 तक के सभी पंचक हैं।

पंचक

पंचक की पूरी सूची

शुरू और खत्म होने का समय, नई दिल्ली (IST)

शुरूखत्मप्रकारअवधि
21 अक्टूबर 2026, बुधवार — सुबह 7:0025 अक्टूबर 2026, रविवार — रात 7:22बुधवार वाला पंचक4 दिन 12 घंटे
17 नवंबर 2026, मंगलवार — दोपहर 3:3022 नवंबर 2026, रविवार — सुबह 5:54अग्नि पंचक4 दिन 14 घंटे
14 दिसंबर 2026, सोमवार — रात 10:3519 दिसंबर 2026, शनिवार — दोपहर 3:58राज पंचक4 दिन 17 घंटे
11 जनवरी 2027, सोमवार — सुबह 4:3415 जनवरी 2027, शुक्रवार — रात 11:51राज पंचक4 दिन 19 घंटे
7 फ़रवरी 2027, रविवार — सुबह 10:3612 फ़रवरी 2027, शुक्रवार — सुबह 5:42रोग पंचक4 दिन 19 घंटे
6 मार्च 2027, शनिवार — शाम 5:3411 मार्च 2027, गुरुवार — सुबह 11:19मृत्यु पंचक4 दिन 17 घंटे
3 अप्रैल 2027, शनिवार — रात 1:327 अप्रैल 2027, बुधवार — शाम 6:25मृत्यु पंचक4 दिन 16 घंटे
30 अप्रैल 2027, शुक्रवार — सुबह 9:535 मई 2027, बुधवार — रात 3:14चोर पंचक4 दिन 17 घंटे
27 मई 2027, गुरुवार — शाम 5:491 जून 2027, मंगलवार — दोपहर 12:49गुरुवार वाला पंचक4 दिन 19 घंटे
24 जून 2027, गुरुवार — रात 12:5028 जून 2027, सोमवार — रात 9:48गुरुवार वाला पंचक4 दिन 20 घंटे
21 जुलाई 2027, बुधवार — सुबह 7:0426 जुलाई 2027, सोमवार — सुबह 5:14बुधवार वाला पंचक4 दिन 22 घंटे
17 अगस्त 2027, मंगलवार — दोपहर 1:0422 अगस्त 2027, रविवार — सुबह 11:10अग्नि पंचक4 दिन 22 घंटे
13 सितंबर 2027, सोमवार — रात 7:3318 सितंबर 2027, शनिवार — शाम 4:47राज पंचक4 दिन 21 घंटे
11 अक्टूबर 2027, सोमवार — रात 2:5515 अक्टूबर 2027, शुक्रवार — रात 11:29राज पंचक4 दिन 20 घंटे
7 नवंबर 2027, रविवार — सुबह 10:5912 नवंबर 2027, शुक्रवार — सुबह 7:55रोग पंचक4 दिन 20 घंटे
4 दिसंबर 2027, शनिवार — रात 7:079 दिसंबर 2027, गुरुवार — शाम 5:26मृत्यु पंचक4 दिन 22 घंटे

समय चंद्रमा के कुंभ राशि (300°, लाहिड़ी अयनांश) में प्रवेश और मीन राशि से निकलने का है। सारे भारत में पंचक एक ही क्षण शुरू होता है; केवल घड़ी का समय IST में दिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अगला पंचक कब से कब तक है?

अगला पंचक 21 अक्टूबर 2026, बुधवार — सुबह 7:00 से शुरू होकर 25 अक्टूबर 2026, रविवार — रात 7:22 तक रहेगा। यह बुधवार वाला पंचक है (बुधवार से शुरू — इसे कम दोष वाला माना जाता है)। नीचे 2027 तक के सभी पंचक हैं।

पंचक क्या होता है?

जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में (धनिष्ठा के तीसरे चरण से रेवती नक्षत्र तक) रहता है, तो लगभग पाँच दिन का यह समय पंचक कहलाता है। यह हर महीने आता है।

पंचक में कौन से काम नहीं करने चाहिए?

परंपरा के अनुसार पंचक में लकड़ी या घास इकट्ठा करना, घर की छत डलवाना, चारपाई या पलंग बनवाना, दक्षिण दिशा की यात्रा और शव का अंतिम संस्कार बिना विधि (कुश के पाँच पुतले) के नहीं करना चाहिए।

पंचक कितने प्रकार के होते हैं?

पंचक जिस दिन से शुरू हो, उसी से उसका नाम होता है: रविवार — रोग पंचक, सोमवार — राज पंचक, मंगलवार — अग्नि पंचक, शुक्रवार — चोर पंचक, शनिवार — मृत्यु पंचक। बुधवार और गुरुवार से शुरू होने वाले पंचक को कम दोष वाला माना जाता है।

क्या पंचक में शुभ काम कर सकते हैं?

विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे शुभ काम पंचक में सामान्यतः टाले जाते हैं, पर राज पंचक को शुभ माना जाता है। पूजा-पाठ, जप और व्रत पर पंचक का कोई दोष नहीं है।

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