गंडमूल नक्षत्र कब है?
अगला गंडमूल 24 अक्टूबर 2026, शनिवार — रात 8:31 से 26 अक्टूबर 2026, सोमवार — शाम 5:41 तक (रेवती–अश्विनी) है। नीचे अगले 75 दिन के सभी गंडमूल हैं।

अगले 75 दिन के गंडमूल
नई दिल्ली (IST)
| शुरू | खत्म | नक्षत्र |
|---|---|---|
| 24 अक्टूबर 2026, शनिवार — रात 8:31 | 26 अक्टूबर 2026, सोमवार — शाम 5:41 | रेवती–अश्विनी |
| 2 नवंबर 2026, सोमवार — सुबह 4:30 | 4 नवंबर 2026, बुधवार — रात 3:26 | आश्लेषा–मघा |
| 11 नवंबर 2026, बुधवार — सुबह 11:37 | 13 नवंबर 2026, शुक्रवार — शाम 5:16 | ज्येष्ठा–मूल |
| 21 नवंबर 2026, शनिवार — सुबह 6:50 | 23 नवंबर 2026, सोमवार — सुबह 4:15 | रेवती–अश्विनी |
| 29 नवंबर 2026, रविवार — सुबह 10:59 | 1 दिसंबर 2026, मंगलवार — सुबह 9:00 | आश्लेषा–मघा |
| 8 दिसंबर 2026, मंगलवार — शाम 6:15 | 10 दिसंबर 2026, गुरुवार — रात 11:58 | ज्येष्ठा–मूल |
| 18 दिसंबर 2026, शुक्रवार — शाम 4:10 | 20 दिसंबर 2026, रविवार — दोपहर 2:55 | रेवती–अश्विनी |
| 26 दिसंबर 2026, शनिवार — रात 8:12 | 28 दिसंबर 2026, सोमवार — शाम 4:32 | आश्लेषा–मघा |
अपने बच्चे का जन्म-नक्षत्र जानने के लिए जन्म तिथि और राशि कैलकुलेटर का उपयोग करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आज गंडमूल नक्षत्र है क्या?
अगला गंडमूल 24 अक्टूबर 2026, शनिवार — रात 8:31 से 26 अक्टूबर 2026, सोमवार — शाम 5:41 तक (रेवती–अश्विनी) है।
गंडमूल नक्षत्र कौन से हैं?
अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल और रेवती — ये छह नक्षत्र गंडमूल कहलाते हैं, क्योंकि ये राशि और नक्षत्र दोनों के जोड़ (संधि) पर पड़ते हैं।
गंडमूल में जन्मे बच्चे के लिए क्या करते हैं?
परंपरा में जन्म के 27वें दिन, जब वही नक्षत्र दोबारा आता है, गंडमूल शांति पूजा कराई जाती है। यह कोई डरने की बात नहीं है; पूजा के बाद इसे दोष-रहित माना जाता है।
