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प्रदोष व्रत कब है?

अगला प्रदोष व्रत शुक्र प्रदोष है, जो 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को है। नीचे अगले 13 महीनों के सभी प्रदोष व्रत की तारीख़ और त्रयोदशी तिथि का समय है।

प्रदोष व्रत कब है?
तारीख़प्रदोषप्रदोष काल (पूजा)त्रयोदशी तिथि
23 अक्टूबर 2026, शुक्रवारशुक्र प्रदोष (शुक्ल)शाम 5:43 – रात 8:07दोपहर 2:37, 23 अक् – दोपहर 1:37, 24 अक्
6 नवंबर 2026, शुक्रवारशुक्र प्रदोष (कृष्ण)शाम 5:32 – रात 7:56सुबह 10:31, 6 नवं – सुबह 10:49, 7 नवं
22 नवंबर 2026, रविवाररवि प्रदोष (शुक्ल)शाम 5:25 – रात 7:49सुबह 4:57, 22 नवं – रात 2:38, 23 नवं
6 दिसंबर 2026, रविवाररवि प्रदोष (कृष्ण)शाम 5:24 – रात 7:48रात 12:53, 6 दिस – रात 2:23, 7 दिस
21 दिसंबर 2026, सोमवारसोम प्रदोष (शुक्ल)शाम 5:28 – रात 7:52शाम 5:37, 21 दिस – दोपहर 2:24, 22 दिस
4 जनवरी 2027, सोमवारसोम प्रदोष (कृष्ण)शाम 5:37 – रात 8:01शाम 6:16, 4 जनव – रात 8:40, 5 जनव
20 जनवरी 2027, बुधवारबुध प्रदोष (शुक्ल)शाम 5:50 – रात 8:14सुबह 4:42, 20 जनव – रात 1:12, 21 जनव
3 फ़रवरी 2027, बुधवारबुध प्रदोष (कृष्ण)शाम 6:01 – रात 8:25दोपहर 1:51, 3 फ़र – शाम 4:32, 4 फ़र
18 फ़रवरी 2027, गुरुवारगुरु प्रदोष (शुक्ल)शाम 6:13 – रात 8:37दोपहर 2:28, 18 फ़र – सुबह 11:15, 19 फ़र
5 मार्च 2027, शुक्रवारशुक्र प्रदोष (कृष्ण)शाम 6:23 – रात 8:47सुबह 9:55, 5 मार – दोपहर 12:04, 6 मार
20 मार्च 2027, शनिवारशनि प्रदोष (शुक्ल)शाम 6:32 – रात 8:56रात 11:18, 19 मार – रात 8:46, 20 मार
4 अप्रैल 2027, रविवाररवि प्रदोष (कृष्ण)शाम 6:40 – रात 9:04सुबह 4:27, 4 अप् – सुबह 5:24, 5 अप्
18 अप्रैल 2027, रविवाररवि प्रदोष (शुक्ल)शाम 6:48 – रात 9:12सुबह 7:43, 18 अप् – सुबह 6:09, 19 अप्
4 मई 2027, मंगलवारभौम प्रदोष (कृष्ण)शाम 6:57 – रात 9:21रात 8:05, 3 मई – रात 7:31, 4 मई
17 मई 2027, सोमवारसोम प्रदोष (शुक्ल)रात 7:05 – रात 9:29शाम 4:29, 17 मई – शाम 4:04, 18 मई
2 जून 2027, बुधवारबुध प्रदोष (कृष्ण)रात 7:14 – रात 9:38सुबह 8:29, 2 जून – सुबह 6:35, 3 जून
16 जून 2027, बुधवारबुध प्रदोष (शुक्ल)रात 7:20 – रात 9:44रात 2:31, 16 जून – रात 3:21, 17 जून
1 जुलाई 2027, गुरुवारगुरु प्रदोष (कृष्ण)रात 7:23 – रात 9:47शाम 6:15, 1 जुल – दोपहर 3:24, 2 जुल
15 जुलाई 2027, गुरुवारगुरु प्रदोष (शुक्ल)रात 7:20 – रात 9:44दोपहर 2:41, 15 जुल – शाम 4:36, 16 जुल
31 जुलाई 2027, शनिवारशनि प्रदोष (कृष्ण)रात 7:13 – रात 9:37रात 2:19, 31 जुल – रात 10:58, 31 जुल
14 अगस्त 2027, शनिवारशनि प्रदोष (शुक्ल)रात 7:01 – रात 9:25सुबह 5:22, 14 अगस – सुबह 7:54, 15 अगस
29 अगस्त 2027, रविवाररवि प्रदोष (कृष्ण)शाम 6:46 – रात 9:10सुबह 9:36, 29 अगस – सुबह 6:13, 30 अगस
13 सितंबर 2027, सोमवारसोम प्रदोष (शुक्ल)शाम 6:29 – रात 8:53रात 10:14, 12 सित – रात 12:40, 14 सित
27 सितंबर 2027, सोमवारसोम प्रदोष (कृष्ण)शाम 6:12 – रात 8:36शाम 4:56, 27 सित – दोपहर 1:55, 28 सित
12 अक्टूबर 2027, मंगलवारभौम प्रदोष (शुक्ल)शाम 5:55 – रात 8:19शाम 4:14, 12 अक् – शाम 5:49, 13 अक्
27 अक्टूबर 2027, बुधवारबुध प्रदोष (कृष्ण)शाम 5:40 – रात 8:04रात 1:04, 27 अक् – रात 10:50, 27 अक्
11 नवंबर 2027, गुरुवारगुरु प्रदोष (शुक्ल)शाम 5:29 – रात 7:53सुबह 10:08, 11 नवं – सुबह 10:22, 12 नवं

तारीख़ें नई दिल्ली के पंचांग पर आधारित हैं; तिथि का समय दूसरे शहरों में कुछ मिनट अलग हो सकता है।

पूजा में पढ़ें: शिव चालीसा, शिव आरती, रुद्राष्टकम्

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अगला प्रदोष व्रत कब है?

शुक्र प्रदोष — 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार।

प्रदोष व्रत किस तिथि को होता है?

हर महीने दोनों पक्षों की त्रयोदशी को — उस दिन, जिसकी शाम (प्रदोष काल) में त्रयोदशी तिथि हो। महीने में दो बार।

सोम प्रदोष और शनि प्रदोष क्या है?

सोमवार को पड़ने वाला प्रदोष सोम प्रदोष और शनिवार वाला शनि प्रदोष कहलाता है; दोनों को विशेष फलदायी माना जाता है।

प्रदोष व्रत में पूजा कब करें?

सूर्यास्त के बाद के लगभग ढाई घंटे (प्रदोष काल) में शिव जी का अभिषेक और पूजा की जाती है; तालिका में हर प्रदोष का यह समय दिया है।

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