शनि देव की पूजा के नियम
शनिवार को शनि देव पर सरसों का तेल चढ़ाया जाता है, पीपल के नीचे दीपक जलाया जाता है और काले तिल, उड़द, लोहे और कंबल का दान किया जाता है। परंपरा के अनुसार शनि देव की मूर्ति के ठीक सामने खड़े होकर उनकी आँखों में नहीं देखा जाता।

✅ क्या करें
- शनिवार को शनि देव पर सरसों का तेल चढ़ाएँ।
- शाम को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएँ।
- काले तिल, उड़द, लोहा, काला कपड़ा या कंबल दान करें।
- शनि चालीसा और हनुमान चालीसा पढ़ें।
- मज़दूरों, बुज़ुर्गों और ज़रूरतमंदों की मदद करें।
❌ क्या न करें
- शनि देव की मूर्ति के ठीक सामने खड़े होकर आँखों में न देखें; थोड़ा बगल से दर्शन करें।
- शनिवार को तेल, लोहा और नमक ख़रीदने से बचने की परंपरा है।
- किसी का अपमान या बेईमानी न करें — शनि कर्मफल दाता हैं।
ये नियम परंपरा और मान्यताओं पर आधारित हैं; अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में इनमें अंतर हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शनि देव पर तेल क्यों चढ़ाते हैं?
कथा के अनुसार हनुमान जी से युद्ध में घायल शनि देव को तेल लगाने से आराम मिला था, तभी से उन्हें तेल चढ़ाया जाता है।
