वट पूर्णिमा कब है?
वट पूर्णिमा 2027 में 18 जून 2027, शुक्रवार को है। यह ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को सुबह से मनाया जाता है।

वट पूर्णिमा: तारीख़ और समय
| साल | तारीख़ | तिथि (शुक्ल पूर्णिमा) | पूजा का समय (नई दिल्ली) |
|---|---|---|---|
| 2027 | 18 जून 2027, शुक्रवार | सुबह 4:35, 18 जून से सुबह 6:14, 19 जून तक | सूर्योदय: सुबह 5:23 |
महाराष्ट्र-गुजरात में सुहागिनों का वट (बरगद) पूजा व्रत। जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन त्योहार मनाया जाता है।
वट पूर्णिमा का महत्व
कहाँ मनाया जाता है: महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और गोवा
उत्तर भारत में वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ अमावस्या को होता है, जबकि महाराष्ट्र और गुजरात में यही व्रत ज्येष्ठ पूर्णिमा को ‘वट पूर्णिमा’ के रूप में होता है। सुहागिनें पति की लंबी आयु के लिए बरगद की पूजा करती हैं।
वट पूर्णिमा की पूजा विधि
- सुबह स्नान करके सोलह शृंगार करें।
- बरगद के पेड़ को जल, रोली, चावल और फूल चढ़ाएँ।
- पेड़ के चारों ओर कच्चा सूत लपेटते हुए परिक्रमा करें।
- सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वट पूर्णिमा 2027 कब है?
वट पूर्णिमा 2027 में 18 जून 2027, शुक्रवार को है। यह ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को सुबह से मनाया जाता है।
वट पूर्णिमा किस तिथि को मनाया जाता है?
ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, पूर्णिमा। जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन त्योहार मनाया जाता है।
वट पूर्णिमा का महत्व क्या है?
महाराष्ट्र-गुजरात में सुहागिनों का वट (बरगद) पूजा व्रत।
वट पूर्णिमा और वट सावित्री में क्या अंतर है?
दोनों एक ही व्रत हैं। उत्तर भारत में यह अमावस्या को होता है, महाराष्ट्र-गुजरात में पूर्णिमा को।
Vat Purnima 2027 date?
Vat Purnima 2027: 18 June 2027 (18 जून 2027, शुक्रवार).
