OmKiran BhaktiOmKiran Bhaktiभजन, आरती, चालीसा और मंत्र

अम्बाजी माता लाइव दर्शन: आज के दर्शन और आरती

अम्बाजी माता मंदिर, बनासकांठा, गुजरात के आज के लाइव दर्शन इसी पेज पर देखें — सीधे मंदिर के आधिकारिक YouTube चैनल “Ambaji Temple Official” से। प्रसारण आरती और विशेष अवसरों पर लाइव आता है; उस समय लाइव न हो तो ‘दर्शन और आरती’ दबाएँ, मंदिर के सबसे नए दर्शन चलेंगे।

आज के लाइव दर्शन

अम्बाजी माता मंदिर

स्रोत: मंदिर का आधिकारिक YouTube चैनल “Ambaji Temple Official” — मंदिर की वेबसाइट ambajitemple.in अपने लाइव दर्शन पेज पर यही चैनल देती है। वीडियो के सभी अधिकार उन्हीं के हैं। सभी मंदिरों के लाइव दर्शन

साथ में पढ़ें: जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥

हे अम्बे गौरी, हे श्यामा गौरी, आपकी जय हो; विष्णु, ब्रह्मा और शिव दिन-रात आपका ध्यान करते हैं।

मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को। उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको॥

माँग में सिंदूर, माथे पर कस्तूरी का टीका, दोनों आँखें उजली और चंद्रमा जैसा सुंदर मुख है।

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै। रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै॥

सोने जैसा शरीर, लाल वस्त्र, और गले में लाल फूलों की माला शोभा देती है।

केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी। सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुखहारी॥

सिंह पर सवार, तलवार और खप्पर धारण करने वाली माँ की देवता, मनुष्य और मुनि सेवा करते हैं; आप उनके दुख हरती हैं।

कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती। कोटिक चंद्र दिवाकर, सम राजत ज्योती॥

कानों में कुंडल, नाक में मोती, और करोड़ों चंद्रमा-सूर्य जैसी ज्योति है।

शुंभ-निशुंभ बिदारे, महिषासुर घाती। धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती॥

आपने शुंभ-निशुंभ को चीर डाला, महिषासुर को मारा और धूम्रलोचन का अंत किया।

चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे। मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥

चंड-मुंड और रक्तबीज का संहार किया, मधु-कैटभ को मारा और देवताओं को निडर किया।

ब्रह्माणी, रूद्राणी, तुम कमला रानी। आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी॥

आप ही ब्रह्माणी, रुद्राणी और लक्ष्मी हैं; वेद-शास्त्र आपका वर्णन करते हैं, आप शिव की पटरानी हैं।

चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरों। बाजत ताल मृदंगा, अरू बाजत डमरू॥

चौंसठ योगिनियाँ मंगल गाती हैं, भैरव नाचते हैं, और ताल, मृदंग व डमरू बजते हैं।

तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता। भक्तन की दुख हरता, सुख संपति करता॥

आप ही जगत की माता और पालनहार हैं; भक्तों के दुख हरती हैं और सुख-संपत्ति देती हैं।

भुजा चार अति शोभित, वर मुद्रा धारी। मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी॥

चार भुजाएँ शोभा देती हैं और हाथ वर-मुद्रा में है; सेवा करने वाले नर-नारी मनचाहा फल पाते हैं।

कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती। श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योती॥

सोने के थाल में अगर और कपूर की बाती जलती है; आपकी ज्योति करोड़ों रत्नों जैसी चमकती है।

श्री अंबेजी की आरती, जो कोई नर गावे। कहत शिवानंद स्वामी, सुख-संपति पावे॥

शिवानंद स्वामी कहते हैं — जो अम्बे माँ की यह आरती गाता है, उसे सुख-संपत्ति मिलती है।

अर्थ सहित पढ़ें

लोग ये भी खोजते हैं

अम्बाजी लाइव दर्शन · Ambaji temple live darshan today · Ambaji live aarti

दूसरे मंदिरों के लाइव दर्शन

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अम्बाजी माता के आज के लाइव दर्शन कहाँ देखें?

इसी पेज पर ऊपर ‘दर्शन शुरू करें’ दबाएँ। प्रसारण मंदिर के आधिकारिक YouTube चैनल “Ambaji Temple Official” से चलता है — मंदिर की वेबसाइट ambajitemple.in अपने लाइव दर्शन पेज पर यही चैनल देती है।

अम्बाजी माता लाइव दर्शन किस समय होता है?

मंदिर आमतौर पर सुबह-शाम की आरती और विशेष उत्सवों पर लाइव प्रसारण करते हैं। बाकी समय ‘दर्शन और आरती’ दबाने पर मंदिर के हाल के दर्शन चलते हैं।

अम्बाजी माता लाइव दर्शन का आधिकारिक चैनल कौन सा है?

“Ambaji Temple Official” — मंदिर की वेबसाइट ambajitemple.in अपने लाइव दर्शन पेज पर यही चैनल देती है।

क्या अम्बाजी माता के लाइव दर्शन देखने के लिए कोई app चाहिए?

नहीं। यह पेज मोबाइल के ब्राउज़र में ही खुलता है; कोई app या लॉग-इन नहीं चाहिए।

लाइव प्रसारण न दिखे तो क्या करें?

हो सकता है मंदिर उस समय लाइव न हो। ‘दर्शन और आरती’ दबाएँ, या आरती के समय दोबारा पेज खोलें।

चैनल से जुड़ें