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मल्लिकार्जुन श्रीशैलम लाइव दर्शन: आज के दर्शन और आरती

श्री मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग, श्रीशैलम, आंध्र प्रदेश के आज के लाइव दर्शन इसी पेज पर देखें — सीधे मंदिर के आधिकारिक YouTube चैनल “Srisaila Tv” से। प्रसारण आरती और विशेष अवसरों पर लाइव आता है; उस समय लाइव न हो तो ‘दर्शन और आरती’ दबाएँ, मंदिर के सबसे नए दर्शन चलेंगे।

आज के लाइव दर्शन

श्री मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग

स्रोत: मंदिर का आधिकारिक YouTube चैनल “Srisaila Tv” — श्रीशैलम देवस्थानम का अपना चैनल ‘श्रीशैल टीवी’, जिस पर रोज़ की सेवाएँ आती हैं। वीडियो के सभी अधिकार उन्हीं के हैं। सभी मंदिरों के लाइव दर्शन

साथ में पढ़ें: ॐ जय शिव ओंकारा

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥

हे ओंकार स्वरूप शिव, आपकी जय हो। ब्रह्मा, विष्णु और सदाशिव आप ही हैं, और देवी पार्वती आपकी अर्धांगिनी हैं।

एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे। हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥

आप एक मुख (विष्णु), चार मुख (ब्रह्मा) और पाँच मुख (शिव) रूप में विराजते हैं — हंस, गरुड़ और नंदी आपके वाहन हैं।

दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे। त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे॥

आपके दो, चार और दस भुजाओं वाले रूप बहुत सुंदर हैं। आपके त्रिगुण रूप को देखकर तीनों लोकों के लोग मोहित हो जाते हैं।

अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी। त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥

आप रुद्राक्ष, वनमाला और मुंडमाला धारण करते हैं। त्रिपुरासुर और कंस का संहार करने वाले रूप आपके ही हैं।

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे। सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥

आप श्वेत, पीले और बाघ-चर्म के वस्त्र धारण करते हैं। सनक आदि ऋषि, गरुड़ आदि और भूतगण आपके साथ रहते हैं।

कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूलधारी। सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी॥

आपके हाथों में कमंडल, चक्र और त्रिशूल हैं। आप सुख देने वाले, दुख हरने वाले और संसार का पालन करने वाले हैं।

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका। प्रणवाक्षर में शोभित ये तीनों एका॥

अज्ञानी लोग ब्रह्मा, विष्णु और शिव को अलग मानते हैं, जबकि ॐ अक्षर में ये तीनों एक ही हैं।

लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा। पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा॥

लक्ष्मी, सावित्री और पार्वती साथ विराजती हैं। पार्वती आपकी अर्धांगिनी हैं और गंगा आपकी जटाओं से बहती हैं।

पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा। भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा॥

पार्वती पर्वत पर और शंकर कैलाश पर शोभा पाते हैं। भांग-धतूरा आपका भोग है और भस्म में आपका वास है।

जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला। शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥

आपकी जटाओं में गंगा बहती है, गले में मुंडमाला है, शेषनाग लिपटे हैं और आप मृगछाला ओढ़ते हैं।

काशी में विराजे विश्वनाथ, नंदी ब्रह्मचारी। नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥

काशी में आप विश्वनाथ रूप में विराजते हैं और नंदी आपके द्वार पर हैं। रोज़ आपके दर्शन पाने की महिमा बहुत बड़ी है।

त्रिगुणस्वामी जी की आरती जो कोइ नर गावे। कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥

शिवानंद स्वामी कहते हैं कि जो कोई त्रिगुण-स्वामी शिव की यह आरती गाता है, उसे सुख और संपत्ति मिलती है।

अर्थ सहित पढ़ें

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

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मल्लिकार्जुन श्रीशैलम लाइव दर्शन किस समय होता है?

मंदिर आमतौर पर सुबह-शाम की आरती और विशेष उत्सवों पर लाइव प्रसारण करते हैं। बाकी समय ‘दर्शन और आरती’ दबाने पर मंदिर के हाल के दर्शन चलते हैं।

मल्लिकार्जुन श्रीशैलम लाइव दर्शन का आधिकारिक चैनल कौन सा है?

“Srisaila Tv” — श्रीशैलम देवस्थानम का अपना चैनल ‘श्रीशैल टीवी’, जिस पर रोज़ की सेवाएँ आती हैं।

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