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भाई दूज तिलक विधि: शुभ समय, थाली और उपहार

भाई दूज 11 नवंबर 2026, बुधवार को है। तिलक का शुभ समय (अपराह्न) दिल्ली में दोपहर 1:09 से 3:19 बजे तक है; द्वितीया तिथि दोपहर 3:54 तक है। बहन भाई को पूर्व या उत्तर की ओर मुँह करके बिठाए, रोली-अक्षत से तिलक करे, कलावा बाँधे, आरती उतारे और मिठाई खिलाए। भाई बहन को उपहार देकर उसकी रक्षा का वचन देता है।

तिलक की थाली में क्या रखें

  • रोली या कुमकुम और अक्षत (साबुत चावल)
  • घी का दीपक
  • कलावा (मौली)
  • मिठाई, नारियल का गोला (कई घरों में सूखा गोला देने की परंपरा है), सुपारी, पान
  • फूल और थोड़ा गंगाजल
  • कुछ घरों में सिर ढकने के लिए रूमाल
  • सामान ऑनलाइन: पूजा सामग्री ख़रीदें

तिलक की विधि: स्टेप बाय स्टेप

  1. बहन सुबह स्नान करके चावल के आटे से चौक (रंगोली) बनाए। कई घरों में तिलक तक बहन व्रत रखती है।
  2. शुभ समय में भाई को चौक पर पूर्व या उत्तर की ओर मुँह करके बिठाएँ, उसका सिर रूमाल से ढकें।
  3. गणेश जी का ध्यान करके दीपक जलाएँ।
  4. भाई के माथे पर रोली का तिलक लगाएँ और उस पर अक्षत लगाएँ।
  5. भाई की दाहिनी कलाई पर कलावा बाँधें और हाथ में नारियल का गोला, पान-सुपारी दें।
  6. दीपक से भाई की आरती उतारें और उसकी लंबी उम्र की प्रार्थना करें।
  7. भाई को मिठाई खिलाएँ। भाई बहन के पैर छूकर (या परिवार की रीति के अनुसार) उसे उपहार दे।
  8. भाई इस दिन बहन के घर भोजन करे — यही यम द्वितीया की मुख्य परंपरा है।

भाई बहन को क्या दे

  • कपड़े, साड़ी या सूट, गहना या चाँदी का सिक्का
  • बहन की ज़रूरत की चीज़ — किताब, घड़ी, किचन का सामान, मोबाइल एक्सेसरी
  • नकद या शगुन का लिफ़ाफ़ा
  • छोटी बहन के लिए खिलौने, चॉकलेट या पढ़ाई का सामान
  • महँगे उपहार से ज़्यादा ज़रूरी है साथ बैठकर खाना और समय देना।

यम द्वितीया की दूसरी परंपराएँ

  • मथुरा में इस दिन भाई-बहन साथ में यमुना में स्नान करते हैं; हर साल लाखों श्रद्धालु विश्राम घाट पहुँचते हैं।
  • इसी दिन कायस्थ समाज चित्रगुप्त पूजा और क़लम-दवात की पूजा करता है।
  • भाई दूज की कथा (यमराज और यमुना): भाई दूज की कथा पढ़ें।
  • भाई दूर हो तो बहन वीडियो कॉल पर तिलक और आरती कर सकती है, और भाई अपने माथे पर ख़ुद तिलक लगा सकता है।

जानकारी की जाँच: 27 अक्टूबर 2026। ये परंपराएँ और मान्यताएँ हैं; अपने परिवार की रीति को प्राथमिकता दें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भाई दूज 2026 कब है?

11 नवंबर 2026, बुधवार को।

भाई दूज पर तिलक का शुभ समय क्या है?

दिल्ली में दोपहर 1:09 से 3:19 बजे तक (अपराह्न)। द्वितीया तिथि दोपहर 3:54 तक है।

भाई दूज पर तिलक किस दिशा में बैठाकर करें?

भाई को पूर्व या उत्तर की ओर मुँह करके बिठाया जाता है।

तिलक की थाली में क्या-क्या रखें?

रोली, अक्षत, घी का दीपक, कलावा, मिठाई, नारियल का गोला, पान-सुपारी और फूल।

क्या भाई दूज पर बहन व्रत रखती है?

कई घरों में बहन तिलक होने तक कुछ नहीं खाती; यह परिवार की रीति पर निर्भर है।

भाई दूज पर भाई बहन को क्या दे?

कपड़े, गहना, चाँदी का सिक्का, ज़रूरत की चीज़ या शगुन — अपनी क्षमता के अनुसार।

भाई दूर हो तो भाई दूज कैसे मनाएँ?

वीडियो कॉल पर तिलक और आरती करें; भाई शुभ समय में ख़ुद तिलक लगाए और बहन को उपहार भेजे।

भाई दूज को यम द्वितीया क्यों कहते हैं?

मान्यता है कि इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर भोजन करने गए थे।

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