तिलक की थाली में क्या रखें
- रोली या कुमकुम और अक्षत (साबुत चावल)
- घी का दीपक
- कलावा (मौली)
- मिठाई, नारियल का गोला (कई घरों में सूखा गोला देने की परंपरा है), सुपारी, पान
- फूल और थोड़ा गंगाजल
- कुछ घरों में सिर ढकने के लिए रूमाल
- सामान ऑनलाइन: पूजा सामग्री ख़रीदें
तिलक की विधि: स्टेप बाय स्टेप
- बहन सुबह स्नान करके चावल के आटे से चौक (रंगोली) बनाए। कई घरों में तिलक तक बहन व्रत रखती है।
- शुभ समय में भाई को चौक पर पूर्व या उत्तर की ओर मुँह करके बिठाएँ, उसका सिर रूमाल से ढकें।
- गणेश जी का ध्यान करके दीपक जलाएँ।
- भाई के माथे पर रोली का तिलक लगाएँ और उस पर अक्षत लगाएँ।
- भाई की दाहिनी कलाई पर कलावा बाँधें और हाथ में नारियल का गोला, पान-सुपारी दें।
- दीपक से भाई की आरती उतारें और उसकी लंबी उम्र की प्रार्थना करें।
- भाई को मिठाई खिलाएँ। भाई बहन के पैर छूकर (या परिवार की रीति के अनुसार) उसे उपहार दे।
- भाई इस दिन बहन के घर भोजन करे — यही यम द्वितीया की मुख्य परंपरा है।
भाई बहन को क्या दे
- कपड़े, साड़ी या सूट, गहना या चाँदी का सिक्का
- बहन की ज़रूरत की चीज़ — किताब, घड़ी, किचन का सामान, मोबाइल एक्सेसरी
- नकद या शगुन का लिफ़ाफ़ा
- छोटी बहन के लिए खिलौने, चॉकलेट या पढ़ाई का सामान
- महँगे उपहार से ज़्यादा ज़रूरी है साथ बैठकर खाना और समय देना।
यम द्वितीया की दूसरी परंपराएँ
- मथुरा में इस दिन भाई-बहन साथ में यमुना में स्नान करते हैं; हर साल लाखों श्रद्धालु विश्राम घाट पहुँचते हैं।
- इसी दिन कायस्थ समाज चित्रगुप्त पूजा और क़लम-दवात की पूजा करता है।
- भाई दूज की कथा (यमराज और यमुना): भाई दूज की कथा पढ़ें।
- भाई दूर हो तो बहन वीडियो कॉल पर तिलक और आरती कर सकती है, और भाई अपने माथे पर ख़ुद तिलक लगा सकता है।
जानकारी की जाँच: 27 अक्टूबर 2026। ये परंपराएँ और मान्यताएँ हैं; अपने परिवार की रीति को प्राथमिकता दें।
