OmKiran Bhakti के छठ पूजा भजन
13:33छठ पूजा भजन — नॉन स्टॉप
OmKiran Bhakti · छठ पूजा
छठ के मशहूर पारंपरिक गीत
| गीत | किस बारे में है | कब गाते हैं |
|---|---|---|
| कांच ही बांस के बहंगिया | बाँस की बहंगी में प्रसाद लेकर घाट जाने का वर्णन; बोझ से बहंगी लचकती है पर श्रद्धा नहीं थकती | घाट जाते समय |
| केलवा जे फरेला घवद से | केले के घौद पर मँडराते सुग्गे की कहानी: छठी मैया के प्रसाद को जूठा करने से बचाने का भाव | प्रसाद बनाते समय और घाट पर |
| उग हो सूरज देव | भोर में व्रती सूर्य देव से उगने की विनती करते हैं, क्योंकि अर्घ्य की बेला हो गई है | उषा अर्घ्य से पहले |
| जोड़े जोड़े सुपवा | जोड़े में सूप और फल लेकर छठी मैया को अर्पित करने का भाव | संध्या और उषा अर्घ्य पर |
| हे दीनानाथ / हो दीनानाथ | सूर्य देव को ‘दीनों के नाथ’ कहकर पुकारना और कृपा माँगना | घाट पर, अर्घ्य के समय |
इन गीतों में क्या ख़ास है
- इनमें छठी मैया और सूर्य देव से बातचीत जैसा भाव होता है: व्रती संतान, पति और घर के सुख की सीधी-सादी प्रार्थना करती हैं।
- बहंगी, सूप, दउरा, गन्ना, केला जैसी चीज़ें गीतों में बार-बार आती हैं, यानी पूजा की सारी तैयारी गीत में ही सुनाई देती है।
- लोकगीत होने के कारण हर गाँव और परिवार में शब्द थोड़े अलग मिलते हैं। कोई एक ‘सही’ पाठ नहीं है।
- यहाँ हमने सिर्फ़ गीतों के नाम और अर्थ दिए हैं, किसी कलाकार की रिकॉर्डिंग के पूरे बोल नहीं।
छठ के गीत और शारदा सिन्हा
‘बिहार कोकिला’ शारदा सिन्हा की आवाज़ ने छठ के गीतों को देश-विदेश में घर-घर पहुँचाया। ‘केलवा के पात पर’ और ‘हो दीनानाथ’ जैसे उनके गीत आज भी घाटों पर बजते हैं। उनका निधन नवंबर 2024 में हुआ। उनकी रिकॉर्डिंग उनके आधिकारिक म्यूज़िक लेबल के चैनलों पर सुनें।
कौन सा गीत कब गाएँ
- नहाय-खाय और खरना: घर की सफ़ाई और प्रसाद की तैयारी के समय छठी मैया के गीत गाए जाते हैं।
- संध्या अर्घ्य: दउरा लेकर घाट जाते समय ‘कांच ही बांस के बहंगिया’।
- रात में: कोसी भरते समय और घाट पर जागते हुए छठी मैया के गीत।
- उषा अर्घ्य: भोर में ‘उग हो सूरज देव’। अर्घ्य के बाद सूर्य देव की आरती भी कर सकते हैं।
जानकारी की जाँच: 27 अक्टूबर 2026। ये परंपराएँ और मान्यताएँ हैं; अपने परिवार की रीति को प्राथमिकता दें।
