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धनतेरस पर क्या खरीदें: शुभ चीज़ें और ख़रीदारी का समय

धनतेरस 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को है। इस दिन सोना-चाँदी, पीतल या चाँदी के बर्तन, झाड़ू, साबुत धनिया, गोमती चक्र, मिट्टी के दीये और लक्ष्मी-गणेश की नई मूर्ति ख़रीदना शुभ माना जाता है। लोहा, काँच, धारदार चीज़ें और काले रंग का सामान न ख़रीदें। दिल्ली में दिन के शुभ चौघड़िया: लाभ (सुबह 7:58 – सुबह 9:20), अमृत (सुबह 9:20 – सुबह 10:42), शुभ (दोपहर 12:04 – दोपहर 1:26); शाम का प्रदोष काल 5:32 से 7:56 बजे तक।

धनतेरस पर क्या ख़रीदना शुभ है

चीज़क्यों शुभ मानी जाती है
सोना या चाँदी (सिक्का, गहना)लक्ष्मी जी का प्रतीक; चाँदी का लक्ष्मी-गणेश वाला सिक्का दिवाली पूजा में रखा जाता है
पीतल या चाँदी के बर्तनसमुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर निकले थे, इसलिए बर्तन ख़रीदने की परंपरा है
झाड़ूघर से दरिद्रता बाहर करने का प्रतीक; माना जाता है कि साफ़ घर में लक्ष्मी आती हैं
साबुत धनियापूजा में चढ़ाकर बाद में गमले में बोया जाता है — हरियाली को समृद्धि का संकेत माना जाता है
गोमती चक्र और कौड़ीलक्ष्मी पूजा में रखी जाती हैं और बाद में तिजोरी या पर्स में
मिट्टी के दीयेधनतेरस की शाम यम दीपक और दिवाली की रात के लिए
लक्ष्मी-गणेश की नई मूर्ति या तस्वीरदिवाली की लक्ष्मी पूजा के लिए; हर साल नई मूर्ति लाने की परंपरा है
बही-खाता, तिजोरी, नया पर्सव्यापारी धनतेरस या दिवाली से नया हिसाब शुरू करते हैं

धनतेरस पर क्या न खरीदें

  • लोहे की चीज़ें — बहुत से लोग इस दिन लोहा और स्टील टालते हैं; पीतल, ताँबा या चाँदी बेहतर माने जाते हैं।
  • काँच का सामान और धारदार चीज़ें — चाकू, कैंची, सुई।
  • काले रंग का सामान।
  • नया बर्तन ख़ाली घर न लाएँ — उसमें थोड़ा अनाज, चावल या मिठाई भरकर लाएँ।
  • उधार लेकर ख़रीदारी करना और उधार देना शुभ नहीं माना जाता।

ख़रीदारी का शुभ समय (दिल्ली, 6 नवंबर 2026)

दिन के चौघड़िया — 6 नवंबर 2026, दिल्ली
चौघड़ियासमयफल
चरसुबह 6:36 – सुबह 7:58सामान्य — यात्रा के लिए अच्छा
लाभसुबह 7:58 – सुबह 9:20शुभ — व्यापार/लाभ
अमृतसुबह 9:20 – सुबह 10:42सबसे शुभ
कालसुबह 10:42 – दोपहर 12:04अशुभ
शुभदोपहर 12:04 – दोपहर 1:26शुभ
रोगदोपहर 1:26 – दोपहर 2:48अशुभ
उद्वेगदोपहर 2:48 – शाम 4:10अशुभ
चरशाम 4:10 – शाम 5:32सामान्य — यात्रा के लिए अच्छा

त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर सुबह 10:31 से 7 नवंबर सुबह 10:49 तक है। इसलिए शुभ चौघड़िया में 6 नवंबर को और 7 नवंबर की सुबह 10:49 से पहले भी ख़रीदारी की जा सकती है। पूजा का प्रदोष काल 6 नवंबर शाम 5:32 से 7:56 बजे तक है।

दूसरे शहरों के लिए समय कुछ मिनट आगे-पीछे होता है — अपने शहर का चौघड़िया देखें।

बजट के हिसाब से लिस्ट

  • ₹100 तक: झाड़ू, साबुत धनिया, 11 या 21 मिट्टी के दीये, गोमती चक्र, कौड़ी।
  • ₹500 से ₹2,000 तक: पीतल का दीपक या लोटा, चाँदी का छोटा सिक्का, लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति।
  • इससे ज़्यादा: सोने या चाँदी का सिक्का या गहना, चाँदी के बर्तन।
  • पूजा का सारा सामान एक जगह: पूजा सामग्री ख़रीदें और दिवाली पूजा सामग्री लिस्ट।

जानकारी की जाँच: 27 अक्टूबर 2026। ये परंपराएँ और मान्यताएँ हैं; अपने परिवार की रीति को प्राथमिकता दें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

धनतेरस 2026 कब है?

6 नवंबर 2026, शुक्रवार को।

धनतेरस पर क्या ख़रीदना सबसे शुभ है?

सोना-चाँदी, पीतल या चाँदी के बर्तन, झाड़ू और साबुत धनिया।

धनतेरस पर क्या नहीं ख़रीदना चाहिए?

लोहा, काँच, धारदार चीज़ें (चाकू, कैंची) और काले रंग का सामान।

धनतेरस पर ख़रीदारी का शुभ समय क्या है?

दिल्ली में 6 नवंबर को दिन के शुभ चौघड़िया लाभ (सुबह 7:58 – सुबह 9:20), अमृत (सुबह 9:20 – सुबह 10:42), शुभ (दोपहर 12:04 – दोपहर 1:26) हैं। त्रयोदशी 7 नवंबर सुबह 10:49 तक है।

धनतेरस पर झाड़ू क्यों ख़रीदते हैं?

झाड़ू को घर से दरिद्रता हटाने का प्रतीक माना जाता है; साफ़ घर में लक्ष्मी के आने की मान्यता है।

धनतेरस पर धनिया क्यों ख़रीदते हैं?

साबुत धनिया पूजा में चढ़ाकर बाद में बोया जाता है — उसकी हरियाली को समृद्धि का संकेत माना जाता है।

क्या धनतेरस पर स्टील के बर्तन ख़रीद सकते हैं?

बहुत से लोग लोहे और स्टील से बचते हैं और पीतल, ताँबा या चाँदी के बर्तन लेते हैं। यह परंपरा की बात है, कोई सख़्त नियम नहीं।

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