कुबेर जी की आरती — ॐ जय यक्ष कुबेर हरे, बोल और अर्थ
‘ॐ जय यक्ष कुबेर हरे’ धन के देवता कुबेर जी की प्रचलित आरती है। धनतेरस की शाम और दिवाली की लक्ष्मी पूजा में लक्ष्मी-गणेश के साथ कुबेर जी की पूजा कर यह आरती गाई जाती है। अंतिम पद में रचनाकार प्रेमपाल का नाम आता है।
धनतेरस 2026 (6 नवंबर) की शाम — कुबेर मंत्र · धनतेरस का पूजा समय · धनतेरस की कथा
पाठभेद: अलग-अलग आरती संग्रहों में कुछ शब्द अलग मिलते हैं; यहाँ प्रचलित पाठ दिया है।

ॐ जय यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जय यक्ष कुबेर हरे। शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे॥
हे यक्षों के राजा कुबेर, आपकी जय हो। जो भक्त आपकी शरण में आते हैं, आप उनके भंडार (धन-धान्य) भर देते हैं।
शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े, स्वामी भक्त कुबेर बड़े। दैत्य दानव मानव से, कई-कई युद्ध लड़े॥
शिव जी के भक्तों में कुबेर बहुत बड़े भक्त हैं। उन्होंने दैत्यों, दानवों और मनुष्यों से अनेक युद्ध लड़े।
स्वर्ण सिंहासन बैठे, सिर पर छत्र फिरे, स्वामी सिर पर छत्र फिरे। योगिनी मंगल गावैं, सब जय जय कार करैं॥
आप सोने के सिंहासन पर बैठे हैं और सिर पर छत्र डुल रहा है। योगिनियाँ मंगल गीत गाती हैं और सब आपकी जय-जयकार करते हैं।
गदा त्रिशूल हाथ में, शस्त्र बहुत धरे, स्वामी शस्त्र बहुत धरे। दुख भय संकट मोचन, धनुष टंकार करैं॥
आपके हाथों में गदा, त्रिशूल और कई शस्त्र हैं। आप दुख, भय और संकट से छुड़ाने वाले हैं और धनुष की टंकार करते हैं।
भांति भांति के व्यंजन बहुत बने, स्वामी व्यंजन बहुत बने। मोहन भोग लगावैं, साथ में उड़द चने॥
आपके लिए तरह-तरह के पकवान बने हैं। भक्त आपको मोहन भोग के साथ उड़द और चने का भोग लगाते हैं।
बल बुद्धि विद्या दाता, हम तेरी शरण पड़े, स्वामी हम तेरी शरण पड़े। अपने भक्त जनों के, सारे काम संवारे॥
आप बल, बुद्धि और विद्या देने वाले हैं; हम आपकी शरण में हैं। आप अपने भक्तों के सारे काम बना देते हैं।
मुकुट मणी की शोभा, मोतियन हार गले, स्वामी मोतियन हार गले। अगर कपूर की बाती, घी की जोत जले॥
आपके मुकुट में मणि शोभा दे रही है और गले में मोतियों का हार है। आपके आगे अगर-कपूर की बत्ती और घी का दीपक जल रहा है।
यक्ष कुबेर जी की आरती, जो कोई नर गावे, स्वामी जो कोई नर गावे। कहत प्रेमपाल स्वामी, मनवांछित फल पावे॥
प्रेमपाल कहते हैं कि जो कोई यक्षराज कुबेर की यह आरती गाता है, उसे मनचाहा फल मिलता है।
कुबेर जी की आरती का पाठ पूरा हुआ।
किसी अपने को WhatsApp पर भेजेंपाठ पारंपरिक है और अलग-अलग क्षेत्रों में शब्दों में थोड़ा अंतर मिलता है। अर्थ सरल हिंदी में OmKiran Bhakti ने लिखा है। कोई त्रुटि दिखे तो YouTube पर कमेंट करके बताएँ।


