धनतेरस पर क्या ख़रीदना शुभ है
| चीज़ | क्यों शुभ मानी जाती है |
|---|---|
| सोना या चाँदी (सिक्का, गहना) | लक्ष्मी जी का प्रतीक; चाँदी का लक्ष्मी-गणेश वाला सिक्का दिवाली पूजा में रखा जाता है |
| पीतल या चाँदी के बर्तन | समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर निकले थे, इसलिए बर्तन ख़रीदने की परंपरा है |
| झाड़ू | घर से दरिद्रता बाहर करने का प्रतीक; माना जाता है कि साफ़ घर में लक्ष्मी आती हैं |
| साबुत धनिया | पूजा में चढ़ाकर बाद में गमले में बोया जाता है — हरियाली को समृद्धि का संकेत माना जाता है |
| गोमती चक्र और कौड़ी | लक्ष्मी पूजा में रखी जाती हैं और बाद में तिजोरी या पर्स में |
| मिट्टी के दीये | धनतेरस की शाम यम दीपक और दिवाली की रात के लिए |
| लक्ष्मी-गणेश की नई मूर्ति या तस्वीर | दिवाली की लक्ष्मी पूजा के लिए; हर साल नई मूर्ति लाने की परंपरा है |
| बही-खाता, तिजोरी, नया पर्स | व्यापारी धनतेरस या दिवाली से नया हिसाब शुरू करते हैं |
धनतेरस पर क्या न खरीदें
- लोहे की चीज़ें — बहुत से लोग इस दिन लोहा और स्टील टालते हैं; पीतल, ताँबा या चाँदी बेहतर माने जाते हैं।
- काँच का सामान और धारदार चीज़ें — चाकू, कैंची, सुई।
- काले रंग का सामान।
- नया बर्तन ख़ाली घर न लाएँ — उसमें थोड़ा अनाज, चावल या मिठाई भरकर लाएँ।
- उधार लेकर ख़रीदारी करना और उधार देना शुभ नहीं माना जाता।
ख़रीदारी का शुभ समय (दिल्ली, 6 नवंबर 2026)
| चौघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| चर | सुबह 6:36 – सुबह 7:58 | सामान्य — यात्रा के लिए अच्छा |
| लाभ | सुबह 7:58 – सुबह 9:20 | शुभ — व्यापार/लाभ |
| अमृत | सुबह 9:20 – सुबह 10:42 | सबसे शुभ |
| काल | सुबह 10:42 – दोपहर 12:04 | अशुभ |
| शुभ | दोपहर 12:04 – दोपहर 1:26 | शुभ |
| रोग | दोपहर 1:26 – दोपहर 2:48 | अशुभ |
| उद्वेग | दोपहर 2:48 – शाम 4:10 | अशुभ |
| चर | शाम 4:10 – शाम 5:32 | सामान्य — यात्रा के लिए अच्छा |
त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर सुबह 10:31 से 7 नवंबर सुबह 10:49 तक है। इसलिए शुभ चौघड़िया में 6 नवंबर को और 7 नवंबर की सुबह 10:49 से पहले भी ख़रीदारी की जा सकती है। पूजा का प्रदोष काल 6 नवंबर शाम 5:32 से 7:56 बजे तक है।
दूसरे शहरों के लिए समय कुछ मिनट आगे-पीछे होता है — अपने शहर का चौघड़िया देखें।
बजट के हिसाब से लिस्ट
- ₹100 तक: झाड़ू, साबुत धनिया, 11 या 21 मिट्टी के दीये, गोमती चक्र, कौड़ी।
- ₹500 से ₹2,000 तक: पीतल का दीपक या लोटा, चाँदी का छोटा सिक्का, लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति।
- इससे ज़्यादा: सोने या चाँदी का सिक्का या गहना, चाँदी के बर्तन।
- पूजा का सारा सामान एक जगह: पूजा सामग्री ख़रीदें और दिवाली पूजा सामग्री लिस्ट।
जानकारी की जाँच: 27 अक्टूबर 2026। ये परंपराएँ और मान्यताएँ हैं; अपने परिवार की रीति को प्राथमिकता दें।
