ॐ नमः शिवाय — अर्थ, जाप विधि और शिव के प्रमुख मंत्र
‘ॐ नमः शिवाय’ भगवान शिव का पंचाक्षर मंत्र है, जिसका अर्थ है ‘मैं शिव को नमन करता हूँ’। यह यजुर्वेद के श्री रुद्रम् से है और इसे कोई भी, कभी भी जप सकता है।
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पंचाक्षर मंत्र
ॐ नमः शिवाय॥
‘मैं शिव को नमन करता हूँ।’ यह शिव का पंचाक्षर (पाँच अक्षरों वाला) मंत्र है — न, मः, शि, वा, य। यजुर्वेद के श्री रुद्रम् में आने वाला यह मंत्र शिव-भक्ति का सबसे सरल और प्रमुख मंत्र है; इसे कोई भी, कभी भी जप सकता है।
शिव ध्यान मंत्र
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥
कपूर जैसे गोरे, करुणा के अवतार, संसार के सार, सर्पराज का हार पहनने वाले, जो सदा हृदय-कमल में बसते हैं — उन भव (शिव) को भवानी सहित मैं नमन करता हूँ। (यह श्लोक आरती के बाद बोला जाता है।)
शिव गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
हम उस परम पुरुष को जानें, महादेव का ध्यान करें; वे रुद्र हमारी बुद्धि को प्रेरित करें।
शिव आराधना मंत्र
ॐ नमो भगवते रुद्राय॥
भगवान रुद्र को नमस्कार।
क्षमा प्रार्थना
करचरणकृतं वाक्कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधम्। विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्रीमहादेव शम्भो॥
हाथ-पैर से, वाणी या शरीर से, कर्मों से, कानों-आँखों से या मन से जो भी अपराध हुए हों — जाने या अनजाने — हे करुणा के सागर महादेव शंभु, सबको क्षमा कीजिए। (पूजा के अंत में)
ॐ नमः शिवाय का पाठ पूरा हुआ।
किसी अपने को WhatsApp पर भेजेंपाठ पारंपरिक है और अलग-अलग क्षेत्रों में शब्दों में थोड़ा अंतर मिलता है। अर्थ सरल हिंदी में OmKiran Bhakti ने लिखा है। कोई त्रुटि दिखे तो YouTube पर कमेंट करके बताएँ।



