रोज़ के 10 प्रमुख मंत्र — अर्थ सहित
पूजा की शुरुआत गणेश मंत्र से और अंत शांति मंत्र से होता है। यहाँ हर प्रमुख देवता का एक सरल और प्रचलित मंत्र, उसके सरल अर्थ के साथ है।
किसी भी मंत्र का 108 बार जाप करना हो तो ऑनलाइन जाप माला से गिनती रखें।

श्री गणेश मंत्र
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
हे टेढ़ी सूँड़ और विशाल शरीर वाले, करोड़ों सूर्यों जैसे तेजस्वी गणेश, मेरे सब कामों को सदा बिना विघ्न के पूरा कीजिए। (हर काम की शुरुआत में)
शिव पंचाक्षर मंत्र
ॐ नमः शिवाय॥
मैं शिव को नमन करता हूँ। शिव का सबसे सरल और शक्तिशाली मंत्र; 108 बार जाप किया जाता है।
श्री विष्णु ध्यान मंत्र
शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
जो शांत स्वरूप हैं, शेषनाग पर सोते हैं, जिनकी नाभि में कमल है, जो देवताओं के स्वामी, विश्व के आधार, आकाश जैसे व्यापक, बादल जैसे साँवले हैं — लक्ष्मीपति, कमल-नयन, योगियों के ध्यान में आने वाले, संसार का भय हरने वाले विष्णु को मैं नमन करता हूँ।
श्री कृष्ण मंत्र
वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्। देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥
वसुदेव के पुत्र, कंस और चाणूर का नाश करने वाले, देवकी के परम आनंद, जगद्गुरु श्रीकृष्ण को मैं नमन करता हूँ।
श्री राम मंत्र
श्री राम जय राम जय जय राम॥
श्रीराम की जय — तेरह अक्षरों का यह तारक मंत्र सबसे सरल राम-नाम जाप है।
हनुमान ध्यान मंत्र
मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥
मन जैसी गति और वायु जैसे वेग वाले, इंद्रियों को जीतने वाले, बुद्धिमानों में श्रेष्ठ, पवनपुत्र, वानर सेना के प्रमुख, श्रीराम के दूत की मैं शरण लेता हूँ।
दुर्गा मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
जो देवी सब प्राणियों में शक्ति के रूप में बसती हैं, उन्हें बार-बार नमस्कार है।
सरस्वती वंदना
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
जो कुंद के फूल, चंद्रमा और बर्फ़ जैसी सफ़ेद हैं, सफ़ेद वस्त्र पहनती हैं, हाथ में वीणा है, सफ़ेद कमल पर बैठती हैं, जिन्हें ब्रह्मा, विष्णु और शिव सदा वंदन करते हैं — सारी जड़ता दूर करने वाली वे भगवती सरस्वती मेरी रक्षा करें।
महालक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥
महालक्ष्मी को नमन। धन, सुख और समृद्धि के लिए जपा जाने वाला बीज मंत्र।
शांति मंत्र
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
सब सुखी हों, सब रोगमुक्त हों, सब शुभ देखें, कोई भी दुखी न हो। ॐ शांति, शांति, शांति।
प्रमुख मंत्र का पाठ पूरा हुआ।
किसी अपने को WhatsApp पर भेजेंपाठ पारंपरिक है और अलग-अलग क्षेत्रों में शब्दों में थोड़ा अंतर मिलता है। अर्थ सरल हिंदी में OmKiran Bhakti ने लिखा है। कोई त्रुटि दिखे तो YouTube पर कमेंट करके बताएँ।




