संकष्टी चतुर्थी कब है?
अगली संकष्टी चतुर्थी 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को है; दिल्ली में चंद्रोदय लगभग रात 8:12 बजे होगा। नीचे सभी संकष्टी चतुर्थी और चाँद निकलने का समय है।

| तारीख़ | संकष्टी | चंद्रोदय (दिल्ली) |
|---|---|---|
| 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार | कार्तिक संकष्टी — करवा चौथ | रात 8:12 |
| 27 नवंबर 2026, शुक्रवार | मार्गशीर्ष संकष्टी | रात 8:13 |
| 26 दिसंबर 2026, शनिवार | पौष संकष्टी | रात 8:14 |
| 25 जनवरी 2027, सोमवार | माघ संकष्टी — सकट चौथ | रात 9:12 |
| 24 फ़रवरी 2027, बुधवार | फाल्गुन संकष्टी | रात 9:59 |
| 25 मार्च 2027, गुरुवार | चैत्र संकष्टी | रात 9:44 |
| 24 अप्रैल 2027, शनिवार | वैशाख संकष्टी | रात 10:26 |
| 24 मई 2027, सोमवार | ज्येष्ठ संकष्टी | रात 10:41 |
| 22 जून 2027, मंगलवार | आषाढ़ संकष्टी (अंगारकी) | रात 9:52 |
| 22 जुलाई 2027, गुरुवार | श्रावण संकष्टी | रात 9:23 |
| 20 अगस्त 2027, शुक्रवार | भाद्रपद संकष्टी | रात 8:23 |
| 19 सितंबर 2027, रविवार | आश्विन संकष्टी | रात 8:03 |
| 18 अक्टूबर 2027, सोमवार | कार्तिक संकष्टी — करवा चौथ | रात 7:30 |
| 17 नवंबर 2027, बुधवार | मार्गशीर्ष संकष्टी | रात 8:21 |
तारीख़ें नई दिल्ली के पंचांग पर आधारित हैं; तिथि का समय दूसरे शहरों में कुछ मिनट अलग हो सकता है।
पूजा में पढ़ें: गणेश चालीसा, संकटनाशन गणेश स्तोत्र, गणेश आरती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अगली संकष्टी चतुर्थी कब है?
29 अक्टूबर 2026, गुरुवार — चंद्रोदय लगभग रात 8:12 (दिल्ली)।
संकष्टी चतुर्थी का व्रत कैसे खोलते हैं?
दिन भर व्रत रखकर रात को चाँद निकलने पर उसे अर्घ्य देकर और गणेश जी की पूजा करके व्रत खोला जाता है।
अंगारकी चतुर्थी क्या है?
जब संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को पड़े, तो उसे अंगारकी चतुर्थी कहते हैं; इसे सबसे शुभ संकष्टी माना जाता है।
