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इंदिरा एकादशी कब है?

इंदिरा एकादशी 2027 में 26 सितंबर 2027, रविवार को है। यह आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। व्रत का पारण 27 सितंबर: सुबह 6:11 के बाद, शाम 4:56 से पहले करें।

इंदिरा एकादशी

इंदिरा एकादशी: तारीख़ और पारण समय

सालतारीख़एकादशी तिथिपारण (व्रत खोलना)
20266 अक्टूबर 2026, मंगलवाररात 2:08, 6 अक्टूबर से
रात 12:35, 7 अक्टूबर तक
7 अक्टूबर: सुबह 6:17 के बाद, रात 11:17 से पहले
202726 सितंबर 2027, रविवाररात 10:31, 25 सितंबर से
रात 7:50, 26 सितंबर तक
27 सितंबर: सुबह 6:11 के बाद, शाम 4:56 से पहले

उदया तिथि के नियम से, नई दिल्ली के अनुसार।

इंदिरा एकादशी का महत्व

कहाँ मनाया जाता है: पूरे भारत में

यह पितृ पक्ष में आती है। कथा के अनुसार राजा इंद्रसेन ने यह व्रत करके अपने पिता को यमलोक से मुक्ति दिलाई थी। इसलिए इस दिन पितरों के लिए व्रत और दान किया जाता है।

कभी-कभी स्मार्त (गृहस्थ) और वैष्णव एकादशी अलग-अलग दिन पड़ती है; वैष्णव परंपरा वाले अगले दिन व्रत रखते हैं।

इंदिरा एकादशी की पूजा विधि

  1. दशमी की रात से सात्विक भोजन करें और चावल न खाएँ।
  2. एकादशी की सुबह स्नान करके भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें।
  3. विष्णु जी को पीले फूल, तुलसी दल, फल और पंचामृत चढ़ाएँ, घी का दीपक जलाएँ।
  4. ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें, विष्णु सहस्रनाम या एकादशी कथा पढ़ें।
  5. दिन में फलाहार या निर्जल व्रत अपनी क्षमता के अनुसार रखें, रात में भजन-कीर्तन करें।
  6. अगले दिन (द्वादशी) सूर्योदय के बाद, द्वादशी खत्म होने से पहले दान देकर व्रत खोलें (पारण)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इंदिरा एकादशी 2027 कब है?

इंदिरा एकादशी 2027 में 26 सितंबर 2027, रविवार को है। यह आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। व्रत का पारण 27 सितंबर: सुबह 6:11 के बाद, शाम 4:56 से पहले करें।

इंदिरा एकादशी का पारण कब है?

27 सितंबर: सुबह 6:11 के बाद, शाम 4:56 से पहले (नई दिल्ली)।

इंदिरा एकादशी का महत्व क्या है?

पितृ पक्ष की एकादशी, पितरों की सद्गति के लिए। यह पितृ पक्ष में आती है। कथा के अनुसार राजा इंद्रसेन ने यह व्रत करके अपने पिता को यमलोक से मुक्ति दिलाई थी। इसलिए इस दिन पितरों के लिए व्रत और दान किया जाता है।

एकादशी के व्रत में क्या खा सकते हैं?

फल, दूध, दही, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा, आलू, शकरकंद और सेंधा नमक। चावल, गेहूँ, दालें, प्याज़-लहसुन और साधारण नमक नहीं खाते।

एकादशी का पारण कब करें?

अगले दिन द्वादशी तिथि में, सूर्योदय के बाद। हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई हिस्सा) बीत जाने पर पारण करना श्रेष्ठ माना गया है।

एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?

परंपरा के अनुसार एकादशी पर अन्न, ख़ासकर चावल, का त्याग किया जाता है, ताकि मन और शरीर हल्का रहे और ध्यान भगवान में लगे।

Indira Ekadashi 2027 date and parana time?

Indira Ekadashi 2027: 26 September 2027. Parana (vrat kholna): 27 सितंबर: सुबह 6:11 के बाद, शाम 4:56 से पहले (New Delhi).

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