रमा एकादशी कब है?
रमा एकादशी 2026 में 5 नवंबर 2026, गुरुवार को है। यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। व्रत का पारण 6 नवंबर: सुबह 6:36 के बाद, सुबह 10:31 से पहले करें।

रमा एकादशी: तारीख़ और पारण समय
| साल | तारीख़ | एकादशी तिथि | पारण (व्रत खोलना) |
|---|---|---|---|
| 2026 | 5 नवंबर 2026, गुरुवार | सुबह 11:04, 4 नवंबर से सुबह 10:36, 5 नवंबर तक | 6 नवंबर: सुबह 6:36 के बाद, सुबह 10:31 से पहले |
| 2027 | 25 अक्टूबर 2027, सोमवार | सुबह 5:41, 25 अक्टूबर से रात 3:23, 26 अक्टूबर तक | 26 अक्टूबर: सुबह 6:28 के बाद |
उदया तिथि के नियम से, नई दिल्ली के अनुसार।
रमा एकादशी का महत्व
📖 रमा एकादशी की कथा पढ़ें — सरल हिंदी में
कहाँ मनाया जाता है: पूरे भारत में
माँ लक्ष्मी का एक नाम ‘रमा’ है, इसलिए दिवाली से ठीक पहले आने वाली इस एकादशी पर विष्णु जी के साथ लक्ष्मी जी की भी पूजा होती है। कथा राजा मुचुकुंद की बेटी चंद्रभागा और शोभन की है।
कभी-कभी स्मार्त (गृहस्थ) और वैष्णव एकादशी अलग-अलग दिन पड़ती है; वैष्णव परंपरा वाले अगले दिन व्रत रखते हैं।
रमा एकादशी की पूजा विधि
- दशमी की रात से सात्विक भोजन करें और चावल न खाएँ।
- एकादशी की सुबह स्नान करके भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें।
- विष्णु जी को पीले फूल, तुलसी दल, फल और पंचामृत चढ़ाएँ, घी का दीपक जलाएँ।
- ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें, विष्णु सहस्रनाम या एकादशी कथा पढ़ें।
- दिन में फलाहार या निर्जल व्रत अपनी क्षमता के अनुसार रखें, रात में भजन-कीर्तन करें।
- अगले दिन (द्वादशी) सूर्योदय के बाद, द्वादशी खत्म होने से पहले दान देकर व्रत खोलें (पारण)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रमा एकादशी 2026 कब है?
रमा एकादशी 2026 में 5 नवंबर 2026, गुरुवार को है। यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। व्रत का पारण 6 नवंबर: सुबह 6:36 के बाद, सुबह 10:31 से पहले करें।
रमा एकादशी का पारण कब है?
6 नवंबर: सुबह 6:36 के बाद, सुबह 10:31 से पहले (नई दिल्ली)।
रमा एकादशी का महत्व क्या है?
दिवाली से पहले की एकादशी, माँ लक्ष्मी (रमा) के नाम पर। माँ लक्ष्मी का एक नाम ‘रमा’ है, इसलिए दिवाली से ठीक पहले आने वाली इस एकादशी पर विष्णु जी के साथ लक्ष्मी जी की भी पूजा होती है। कथा राजा मुचुकुंद की बेटी चंद्रभागा और शोभन की है।
एकादशी के व्रत में क्या खा सकते हैं?
फल, दूध, दही, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा, आलू, शकरकंद और सेंधा नमक। चावल, गेहूँ, दालें, प्याज़-लहसुन और साधारण नमक नहीं खाते।
एकादशी का पारण कब करें?
अगले दिन द्वादशी तिथि में, सूर्योदय के बाद। हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई हिस्सा) बीत जाने पर पारण करना श्रेष्ठ माना गया है।
एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?
परंपरा के अनुसार एकादशी पर अन्न, ख़ासकर चावल, का त्याग किया जाता है, ताकि मन और शरीर हल्का रहे और ध्यान भगवान में लगे।
Rama Ekadashi 2026 date and parana time?
Rama Ekadashi 2026: 05 November 2026. Parana (vrat kholna): 6 नवंबर: सुबह 6:36 के बाद, सुबह 10:31 से पहले (New Delhi).
