जया एकादशी कब है?
जया एकादशी 2027 में 17 फ़रवरी 2027, बुधवार को है। यह माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। व्रत का पारण 18 फ़रवरी: सुबह 6:57 के बाद, दोपहर 2:28 से पहले करें।

जया एकादशी: तारीख़ और पारण समय
| साल | तारीख़ | एकादशी तिथि | पारण (व्रत खोलना) |
|---|---|---|---|
| 2027 | 17 फ़रवरी 2027, बुधवार | रात 8:20, 16 फ़रवरी से शाम 5:32, 17 फ़रवरी तक | 18 फ़रवरी: सुबह 6:57 के बाद, दोपहर 2:28 से पहले |
उदया तिथि के नियम से, नई दिल्ली के अनुसार।
जया एकादशी का महत्व
कहाँ मनाया जाता है: पूरे भारत में
कथा के अनुसार गंधर्व माल्यवान और पुष्पवती को श्राप से पिशाच योनि मिली थी, जिससे इस व्रत ने मुक्ति दिलाई।
कभी-कभी स्मार्त (गृहस्थ) और वैष्णव एकादशी अलग-अलग दिन पड़ती है; वैष्णव परंपरा वाले अगले दिन व्रत रखते हैं।
जया एकादशी की पूजा विधि
- दशमी की रात से सात्विक भोजन करें और चावल न खाएँ।
- एकादशी की सुबह स्नान करके भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें।
- विष्णु जी को पीले फूल, तुलसी दल, फल और पंचामृत चढ़ाएँ, घी का दीपक जलाएँ।
- ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें, विष्णु सहस्रनाम या एकादशी कथा पढ़ें।
- दिन में फलाहार या निर्जल व्रत अपनी क्षमता के अनुसार रखें, रात में भजन-कीर्तन करें।
- अगले दिन (द्वादशी) सूर्योदय के बाद, द्वादशी खत्म होने से पहले दान देकर व्रत खोलें (पारण)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जया एकादशी 2027 कब है?
जया एकादशी 2027 में 17 फ़रवरी 2027, बुधवार को है। यह माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। व्रत का पारण 18 फ़रवरी: सुबह 6:57 के बाद, दोपहर 2:28 से पहले करें।
जया एकादशी का पारण कब है?
18 फ़रवरी: सुबह 6:57 के बाद, दोपहर 2:28 से पहले (नई दिल्ली)।
जया एकादशी का महत्व क्या है?
भूत-प्रेत योनि से मुक्ति देने वाली एकादशी। कथा के अनुसार गंधर्व माल्यवान और पुष्पवती को श्राप से पिशाच योनि मिली थी, जिससे इस व्रत ने मुक्ति दिलाई।
एकादशी के व्रत में क्या खा सकते हैं?
फल, दूध, दही, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा, आलू, शकरकंद और सेंधा नमक। चावल, गेहूँ, दालें, प्याज़-लहसुन और साधारण नमक नहीं खाते।
एकादशी का पारण कब करें?
अगले दिन द्वादशी तिथि में, सूर्योदय के बाद। हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई हिस्सा) बीत जाने पर पारण करना श्रेष्ठ माना गया है।
एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?
परंपरा के अनुसार एकादशी पर अन्न, ख़ासकर चावल, का त्याग किया जाता है, ताकि मन और शरीर हल्का रहे और ध्यान भगवान में लगे।
Jaya Ekadashi 2027 date and parana time?
Jaya Ekadashi 2027: 17 February 2027. Parana (vrat kholna): 18 फ़रवरी: सुबह 6:57 के बाद, दोपहर 2:28 से पहले (New Delhi).
