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कामदा एकादशी कब है?

कामदा एकादशी 2027 में 17 अप्रैल 2027, शनिवार को है। यह चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। व्रत का पारण 18 अप्रैल: सुबह 5:53 के बाद, सुबह 7:43 से पहले करें।

कामदा एकादशी

कामदा एकादशी: तारीख़ और पारण समय

सालतारीख़एकादशी तिथिपारण (व्रत खोलना)
202717 अप्रैल 2027, शनिवारसुबह 11:22, 16 अप्रैल से
सुबह 9:28, 17 अप्रैल तक
18 अप्रैल: सुबह 5:53 के बाद, सुबह 7:43 से पहले

उदया तिथि के नियम से, नई दिल्ली के अनुसार।

कामदा एकादशी का महत्व

कहाँ मनाया जाता है: पूरे भारत में

हिंदू नववर्ष की यह पहली एकादशी मनोकामना पूरी करने वाली मानी गई है। कथा के अनुसार गंधर्व ललित को श्राप से मुक्ति इसी व्रत से मिली थी।

कभी-कभी स्मार्त (गृहस्थ) और वैष्णव एकादशी अलग-अलग दिन पड़ती है; वैष्णव परंपरा वाले अगले दिन व्रत रखते हैं।

कामदा एकादशी की पूजा विधि

  1. दशमी की रात से सात्विक भोजन करें और चावल न खाएँ।
  2. एकादशी की सुबह स्नान करके भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें।
  3. विष्णु जी को पीले फूल, तुलसी दल, फल और पंचामृत चढ़ाएँ, घी का दीपक जलाएँ।
  4. ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें, विष्णु सहस्रनाम या एकादशी कथा पढ़ें।
  5. दिन में फलाहार या निर्जल व्रत अपनी क्षमता के अनुसार रखें, रात में भजन-कीर्तन करें।
  6. अगले दिन (द्वादशी) सूर्योदय के बाद, द्वादशी खत्म होने से पहले दान देकर व्रत खोलें (पारण)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कामदा एकादशी 2027 कब है?

कामदा एकादशी 2027 में 17 अप्रैल 2027, शनिवार को है। यह चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। व्रत का पारण 18 अप्रैल: सुबह 5:53 के बाद, सुबह 7:43 से पहले करें।

कामदा एकादशी का पारण कब है?

18 अप्रैल: सुबह 5:53 के बाद, सुबह 7:43 से पहले (नई दिल्ली)।

कामदा एकादशी का महत्व क्या है?

हिंदू नववर्ष की पहली एकादशी, मनोकामना पूरी करने वाली। हिंदू नववर्ष की यह पहली एकादशी मनोकामना पूरी करने वाली मानी गई है। कथा के अनुसार गंधर्व ललित को श्राप से मुक्ति इसी व्रत से मिली थी।

एकादशी के व्रत में क्या खा सकते हैं?

फल, दूध, दही, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा, आलू, शकरकंद और सेंधा नमक। चावल, गेहूँ, दालें, प्याज़-लहसुन और साधारण नमक नहीं खाते।

एकादशी का पारण कब करें?

अगले दिन द्वादशी तिथि में, सूर्योदय के बाद। हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई हिस्सा) बीत जाने पर पारण करना श्रेष्ठ माना गया है।

एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?

परंपरा के अनुसार एकादशी पर अन्न, ख़ासकर चावल, का त्याग किया जाता है, ताकि मन और शरीर हल्का रहे और ध्यान भगवान में लगे।

Kamada Ekadashi 2027 date and parana time?

Kamada Ekadashi 2027: 17 April 2027. Parana (vrat kholna): 18 अप्रैल: सुबह 5:53 के बाद, सुबह 7:43 से पहले (New Delhi).

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