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ॐ जय श्री श्याम हरे — खाटू श्याम आरती — पूरे बोल और हिंदी अर्थ

‘ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे’ राजस्थान के खाटू धाम में विराजमान श्री श्याम बाबा (बर्बरीक) की आरती है। इसमें बाबा के श्रृंगार, भोग (खीर, चूरमा) और आरती की महिमा का वर्णन है।

एकादशी और फाल्गुन मेले में ख़ास — खाटू श्याम जी के लाइव दर्शन।

ॐ जय श्री श्याम हरे — खाटू श्याम आरती — पूरे बोल और हिंदी अर्थ

ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे॥

हे श्री श्याम बाबा, आपकी जय हो। आप खाटू धाम में अनुपम रूप धारण करके विराजमान हैं।

रतन जड़ित सिंहासन, सिर पर चँवर ढुरे। तन केसरिया बागो, कुण्डल श्रवण पड़े॥ ॐ जय श्री श्याम हरे॥

आप रत्नों से जड़े सिंहासन पर बैठे हैं और सिर पर चँवर डुल रहा है। शरीर पर केसरिया वस्त्र (बागा) है और कानों में कुंडल हैं।

गल पुष्पों की माला, सिर पर मुकुट धरे। खेवत धूप अग्नि पर, दीपक ज्योति जले॥ ॐ जय श्री श्याम हरे॥

गले में फूलों की माला और सिर पर मुकुट है। अग्नि पर धूप खेई जा रही है और दीपक की ज्योति जल रही है।

मोदक खीर चूरमा, सुवरण थाल भरे। सेवक भोग लगावत, सेवा नित्य करे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे॥

सोने के थाल में लड्डू, खीर और चूरमा भरा है। सेवक आपको भोग लगाते हैं और रोज़ आपकी सेवा करते हैं।

झाँझ कटोरा और घड़ियावल, शंख मृदंग घुरे। भक्त आरती गावें, जय-जयकार करें॥ ॐ जय श्री श्याम हरे॥

झाँझ, घंटा-घड़ियाल, शंख और मृदंग बज रहे हैं। भक्त आरती गाते हुए आपकी जय-जयकार करते हैं।

जो ध्यावे फल पावे, सब दुख से उबरे। सेवक जन निज मुख से, श्री श्याम-श्याम उचरे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे॥

जो आपका ध्यान करता है उसे फल मिलता है और वह सब दुखों से उबर जाता है। सेवक अपने मुख से ‘श्याम-श्याम’ जपते रहते हैं।

श्री श्याम बिहारी जी की आरती, जो कोई नर गावे। कहत भक्तजन, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे॥

जो कोई श्री श्याम बिहारी जी की यह आरती गाता है, भक्त कहते हैं कि उसे मनचाहा फल मिलता है।

ॐ जय श्री श्याम हरे — खाटू श्याम आरती का पाठ पूरा हुआ।

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पाठ पारंपरिक है और अलग-अलग क्षेत्रों में शब्दों में थोड़ा अंतर मिलता है। अर्थ सरल हिंदी में OmKiran Bhakti ने लिखा है। कोई त्रुटि दिखे तो YouTube पर कमेंट करके बताएँ।

Om Jai Shri Shyam Hare — Lyrics in English

अंग्रेज़ी अक्षरों (Roman Hindi) में पढ़ें

Om jai shri shyam hare, baba jai shri shyam hare ।
Khatu dham virajat, anupam rup dhare ॥
Om jai shri shyam hare ॥

Ratan jarit sinhasan, sir par chanvar dhure ।
Tan kesriya bago, kundal shravan pare ॥
Om jai shri shyam hare ॥

Gal pushpon ki mala, sir par mukut dhare ।
Khevat dhup agni par, dipak jyoti jale ॥
Om jai shri shyam hare ॥

Modak khir churma, suvran thal bhare ।
Sevak bhog lagavat, seva nitya kare ॥
Om jai shri shyam hare ॥

Jhanjh katora aur ghariyaval, shankh mridang ghure ।
Bhakt arti gaven, jai-jaykar karen ॥
Om jai shri shyam hare ॥

Jo dhyave phal pave, sab dukh se ubre ।
Sevak jan nij mukh se, shri shyam-shyam uchre ॥
Om jai shri shyam hare ॥

Shri shyam bihari ji ki arti, jo koi nar gave ।
Kahat bhaktajan, manavanchhit phal pave ॥
Om jai shri shyam hare ॥

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

खाटू श्याम जी कौन हैं?

महाभारत के वीर बर्बरीक, भीम के पोते। श्रीकृष्ण ने उन्हें कलियुग में अपने नाम ‘श्याम’ से पूजे जाने का वरदान दिया।

खाटू श्याम मंदिर कहाँ है?

राजस्थान के सीकर ज़िले के खाटू गाँव में।

खाटू श्याम जी की आरती कब होती है?

मंदिर में दिन में पाँच बार आरती होती है — मंगला, श्रृंगार, भोग, संध्या और शयन आरती।

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