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मैं तो साँवरे के रंग राची — मीराबाई — पूरे बोल और भावार्थ

‘मैं तो साँवरे के रंग राची’ मीराबाई की रचना है। मीरा कहती हैं कि वे साँवरे के रंग में रँग गई हैं। शृंगार करके, पैरों में घुँघरू बाँधकर लोक-लाज छोड़कर नाचीं; कुबुद्धि छूटी और साधुओं की संगति से सच्ची भक्त बन गईं। दिन-रात हरि के गुण गाकर वे काल रूपी साँप से बच गईं — प्रभु के बिना सारा संसार उन्हें खारा लगता है।

मीराबाई की रचना। सभी संत भजन।

पाठभेद: यह पाठ प्रचलित संस्करणों से लिया गया है; अलग-अलग पुस्तकों और गायकों में कुछ शब्द अलग मिलते हैं। हम इसे मुद्रित संस्करण से मिलान कर रहे हैं।

मैं तो साँवरे के रंग राची — मीराबाई — पूरे बोल और भावार्थ

मैं तो साँवरे के रंग राची। साजि सिंगार बाँधि पग घुँघरू, लोक-लाज तजि नाची॥ गई कुमति, लई साधु की संगति, भगत रूप भई साँची। गाय गाय हरि के गुण निसदिन, काल ब्याल सूँ बाँची॥ उण बिन सब जग खारो लागत, और बात सब काँची। मीरा श्री गिरधरन लाल सूँ, भगति रसीली जाँची॥

भावार्थ: मीरा कहती हैं कि वे साँवरे के रंग में रँग गई हैं। शृंगार करके, पैरों में घुँघरू बाँधकर लोक-लाज छोड़कर नाचीं; कुबुद्धि छूटी और साधुओं की संगति से सच्ची भक्त बन गईं। दिन-रात हरि के गुण गाकर वे काल रूपी साँप से बच गईं — प्रभु के बिना सारा संसार उन्हें खारा लगता है।

मैं तो साँवरे के रंग राची — मीराबाई का पाठ पूरा हुआ।

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पाठ पारंपरिक है और अलग-अलग क्षेत्रों में शब्दों में थोड़ा अंतर मिलता है। अर्थ सरल हिंदी में OmKiran Bhakti ने लिखा है। कोई त्रुटि दिखे तो YouTube पर कमेंट करके बताएँ।

Main To Sanvre Ke Rang Rachi — Lyrics in English

अंग्रेज़ी अक्षरों (Roman Hindi) में पढ़ें

Main to sanvre ke rang rachi ।
Saji singar bandhi pag ghunghru, lok-laj taji nachi ॥
Gai kumti, lai sadhu ki sangti, bhagat rup bhai sanchi ।
Gay gay hari ke gun nisdin, kal byal sun banchi ॥
Un bin sab jag kharo lagat, aur bat sab kanchi ।
Mira shri giradhran lal sun, bhagti rasili janchi ॥

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

‘मैं तो साँवरे के रंग राची’ किसने लिखा?

मीराबाई ने।

‘मैं तो साँवरे के रंग राची’ का अर्थ क्या है?

मीरा कहती हैं कि वे साँवरे के रंग में रँग गई हैं। शृंगार करके, पैरों में घुँघरू बाँधकर लोक-लाज छोड़कर नाचीं; कुबुद्धि छूटी और साधुओं की संगति से सच्ची भक्त बन गईं। दिन-रात हरि के गुण गाकर वे काल रूपी साँप से बच गईं — प्रभु के बिना सारा संसार उन्हें खारा लगता है।

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