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मोहिनी एकादशी कब है?

मोहिनी एकादशी 2027 में 16 मई 2027, रविवार को है। यह वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। व्रत का पारण 17 मई: सुबह 5:29 के बाद, शाम 4:29 से पहले करें।

मोहिनी एकादशी

मोहिनी एकादशी: तारीख़ और पारण समय

सालतारीख़एकादशी तिथिपारण (व्रत खोलना)
202716 मई 2027, रविवारशाम 6:18, 15 मई से
शाम 5:14, 16 मई तक
17 मई: सुबह 5:29 के बाद, शाम 4:29 से पहले

उदया तिथि के नियम से, नई दिल्ली के अनुसार।

मोहिनी एकादशी का महत्व

कहाँ मनाया जाता है: पूरे भारत में

समुद्र मंथन के बाद भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप लेकर देवताओं को अमृत पिलाया था। उसी मोहिनी रूप की याद में यह एकादशी मनाई जाती है।

कभी-कभी स्मार्त (गृहस्थ) और वैष्णव एकादशी अलग-अलग दिन पड़ती है; वैष्णव परंपरा वाले अगले दिन व्रत रखते हैं।

मोहिनी एकादशी की पूजा विधि

  1. दशमी की रात से सात्विक भोजन करें और चावल न खाएँ।
  2. एकादशी की सुबह स्नान करके भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें।
  3. विष्णु जी को पीले फूल, तुलसी दल, फल और पंचामृत चढ़ाएँ, घी का दीपक जलाएँ।
  4. ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें, विष्णु सहस्रनाम या एकादशी कथा पढ़ें।
  5. दिन में फलाहार या निर्जल व्रत अपनी क्षमता के अनुसार रखें, रात में भजन-कीर्तन करें।
  6. अगले दिन (द्वादशी) सूर्योदय के बाद, द्वादशी खत्म होने से पहले दान देकर व्रत खोलें (पारण)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मोहिनी एकादशी 2027 कब है?

मोहिनी एकादशी 2027 में 16 मई 2027, रविवार को है। यह वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। व्रत का पारण 17 मई: सुबह 5:29 के बाद, शाम 4:29 से पहले करें।

मोहिनी एकादशी का पारण कब है?

17 मई: सुबह 5:29 के बाद, शाम 4:29 से पहले (नई दिल्ली)।

मोहिनी एकादशी का महत्व क्या है?

भगवान विष्णु के मोहिनी रूप से जुड़ी एकादशी। समुद्र मंथन के बाद भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप लेकर देवताओं को अमृत पिलाया था। उसी मोहिनी रूप की याद में यह एकादशी मनाई जाती है।

एकादशी के व्रत में क्या खा सकते हैं?

फल, दूध, दही, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा, आलू, शकरकंद और सेंधा नमक। चावल, गेहूँ, दालें, प्याज़-लहसुन और साधारण नमक नहीं खाते।

एकादशी का पारण कब करें?

अगले दिन द्वादशी तिथि में, सूर्योदय के बाद। हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई हिस्सा) बीत जाने पर पारण करना श्रेष्ठ माना गया है।

एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?

परंपरा के अनुसार एकादशी पर अन्न, ख़ासकर चावल, का त्याग किया जाता है, ताकि मन और शरीर हल्का रहे और ध्यान भगवान में लगे।

Mohini Ekadashi 2027 date and parana time?

Mohini Ekadashi 2027: 16 May 2027. Parana (vrat kholna): 17 मई: सुबह 5:29 के बाद, शाम 4:29 से पहले (New Delhi).

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