पापमोचनी एकादशी कब है?
पापमोचनी एकादशी 2027 में 2 अप्रैल 2027, शुक्रवार को है। यह चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। व्रत का पारण 3 अप्रैल: सुबह 6:09 के बाद करें।

पापमोचनी एकादशी: तारीख़ और पारण समय
| साल | तारीख़ | एकादशी तिथि | पारण (व्रत खोलना) |
|---|---|---|---|
| 2027 | 2 अप्रैल 2027, शुक्रवार | रात 12:46, 2 अप्रैल से रात 2:53, 3 अप्रैल तक | 3 अप्रैल: सुबह 6:09 के बाद |
उदया तिथि के नियम से, नई दिल्ली के अनुसार।
पापमोचनी एकादशी का महत्व
कहाँ मनाया जाता है: पूरे भारत में
पौराणिक कथा के अनुसार च्यवन ऋषि के पुत्र मेधावी ऋषि ने इस एकादशी का व्रत करके अपने पाप से मुक्ति पाई थी। इसलिए इसे ‘पाप मोचन’ यानी पाप छुड़ाने वाली एकादशी कहते हैं।
कभी-कभी स्मार्त (गृहस्थ) और वैष्णव एकादशी अलग-अलग दिन पड़ती है; वैष्णव परंपरा वाले अगले दिन व्रत रखते हैं।
पापमोचनी एकादशी की पूजा विधि
- दशमी की रात से सात्विक भोजन करें और चावल न खाएँ।
- एकादशी की सुबह स्नान करके भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें।
- विष्णु जी को पीले फूल, तुलसी दल, फल और पंचामृत चढ़ाएँ, घी का दीपक जलाएँ।
- ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें, विष्णु सहस्रनाम या एकादशी कथा पढ़ें।
- दिन में फलाहार या निर्जल व्रत अपनी क्षमता के अनुसार रखें, रात में भजन-कीर्तन करें।
- अगले दिन (द्वादशी) सूर्योदय के बाद, द्वादशी खत्म होने से पहले दान देकर व्रत खोलें (पारण)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पापमोचनी एकादशी 2027 कब है?
पापमोचनी एकादशी 2027 में 2 अप्रैल 2027, शुक्रवार को है। यह चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। व्रत का पारण 3 अप्रैल: सुबह 6:09 के बाद करें।
पापमोचनी एकादशी का पारण कब है?
3 अप्रैल: सुबह 6:09 के बाद (नई दिल्ली)।
पापमोचनी एकादशी का महत्व क्या है?
पापों से मुक्ति देने वाली एकादशी, होली और चैत्र नवरात्रि के बीच। पौराणिक कथा के अनुसार च्यवन ऋषि के पुत्र मेधावी ऋषि ने इस एकादशी का व्रत करके अपने पाप से मुक्ति पाई थी। इसलिए इसे ‘पाप मोचन’ यानी पाप छुड़ाने वाली एकादशी कहते हैं।
एकादशी के व्रत में क्या खा सकते हैं?
फल, दूध, दही, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा, आलू, शकरकंद और सेंधा नमक। चावल, गेहूँ, दालें, प्याज़-लहसुन और साधारण नमक नहीं खाते।
एकादशी का पारण कब करें?
अगले दिन द्वादशी तिथि में, सूर्योदय के बाद। हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई हिस्सा) बीत जाने पर पारण करना श्रेष्ठ माना गया है।
एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?
परंपरा के अनुसार एकादशी पर अन्न, ख़ासकर चावल, का त्याग किया जाता है, ताकि मन और शरीर हल्का रहे और ध्यान भगवान में लगे।
Papmochani Ekadashi 2027 date and parana time?
Papmochani Ekadashi 2027: 02 April 2027. Parana (vrat kholna): 3 अप्रैल: सुबह 6:09 के बाद (New Delhi).
