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प्रभु जी तुम चंदन हम पानी — संत रैदास — पूरे बोल और हिंदी अर्थ

‘प्रभु जी तुम चंदन हम पानी’ संत रैदास (रविदास) का पद है। इसमें वे भगवान और भक्त के रिश्ते को चंदन-पानी, बादल-मोर, दीपक-बाती, मोती-धागा और स्वामी-दास की उपमाओं से समझाते हैं।

संत रैदास की रचना (NCERT कक्षा 9)। सभी संत भजन।

पाठभेद: अलग-अलग पुस्तकों और गायकों में कुछ शब्द अलग मिलते हैं; यहाँ प्रचलित/मानक पाठ दिया है।

प्रभु जी तुम चंदन हम पानी — संत रैदास — पूरे बोल और हिंदी अर्थ

अब कैसे छूटै राम नाम रट लागी।

अब राम-नाम की यह रट कैसे छूट सकती है, यह तो लग चुकी है।

प्रभु जी, तुम चंदन हम पानी, जाकी अँग-अँग बास समानी॥

प्रभु, आप चंदन हैं और मैं पानी — जिसके अंग-अंग में आपकी सुगंध बस गई है।

प्रभु जी, तुम घन बन हम मोरा, जैसे चितवत चंद चकोरा।

आप बादल हैं और मैं मोर जो आपको देखकर नाचता है; जैसे चकोर चाँद को निहारता है।

प्रभु जी, तुम दीपक हम बाती, जाकी जोति बरै दिन राती॥

आप दीपक हैं और मैं बाती, जिसकी ज्योति दिन-रात जलती रहती है।

प्रभु जी, तुम मोती हम धागा, जैसे सोनहिं मिलत सुहागा।

आप मोती हैं और मैं धागा; जैसे सोने में सुहागा मिलकर उसे निखार देता है।

प्रभु जी, तुम स्वामी हम दासा, ऐसी भक्ति करै रैदासा॥

आप स्वामी हैं और मैं दास — रैदास ऐसी भक्ति करते हैं।

प्रभु जी तुम चंदन हम पानी — संत रैदास का पाठ पूरा हुआ।

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पाठ पारंपरिक है और अलग-अलग क्षेत्रों में शब्दों में थोड़ा अंतर मिलता है। अर्थ सरल हिंदी में OmKiran Bhakti ने लिखा है। कोई त्रुटि दिखे तो YouTube पर कमेंट करके बताएँ।

Prabhu Ji Tum Chandan Ham Pani — Lyrics in English

अंग्रेज़ी अक्षरों (Roman Hindi) में पढ़ें

Ab kaise chhutai ram nam rat lagi ।

Prabhu ji, tum chandan ham pani, jaki ang-ang bas samani ॥

Prabhu ji, tum ghan ban ham mora, jaise chitvat chand chakora ।

Prabhu ji, tum dipak ham bati, jaki joti barai din rati ॥

Prabhu ji, tum moti ham dhaga, jaise sonhin milat suhaga ।

Prabhu ji, tum swami ham dasa, aisi bhakti karai raidasa ॥

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

‘प्रभु जी तुम चंदन हम पानी’ किसकी रचना है?

संत रैदास (रविदास) की।

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