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अम्बे तू है जगदम्बे काली — आरती — पूरे बोल और हिंदी अर्थ

‘अम्बे तू है जगदम्बे काली’ नवरात्रि और माता की चौकी में सबसे ज़्यादा गाई जाने वाली आरतियों में से है। इसकी टेक है ‘ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती’, और हर पद में माँ से भक्तों की रक्षा और भक्ति का वरदान माँगा गया है।

नवरात्रि, अष्टमी और माता की चौकी में — साथ में जय अम्बे गौरी और दुर्गा चालीसा।

अम्बे तू है जगदम्बे काली — आरती — पूरे बोल और हिंदी अर्थ

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली। तेरे ही गुण गाएँ भारती। ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥

हे माँ अम्बे, आप ही जगदम्बा और काली हैं; खप्पर धारण करने वाली दुर्गा माँ, आपकी जय हो। सारा भारत आपके गुण गाता है — हे मैया, हम सब आपकी आरती उतारते हैं। (टेक)

तेरे भक्त जनों पर, भीड़ पड़ी है भारी माँ। दानव दल पर टूट पड़ो, माँ करके सिंह सवारी॥ सौ-सौ सिंहों से बलशाली, अष्ट भुजाओं वाली, दुष्टों को पल में संहारती। ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥

माँ, आपके भक्तों पर भारी संकट आ पड़ा है। सिंह पर सवार होकर राक्षसों के दल पर टूट पड़ो। आप सैकड़ों सिंहों से अधिक बलवान और आठ भुजाओं वाली हैं, जो दुष्टों का पल भर में संहार कर देती हैं।

माँ बेटे का है इस जग में, बड़ा ही निर्मल नाता। पूत-कपूत सुने हैं पर ना, माता सुनी कुमाता॥ सब पे करुणा दरसाने वाली, अमृत बरसाने वाली, दुखियों के दुखड़े निवारती। ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥

इस संसार में माँ और बेटे का रिश्ता सबसे पवित्र है। बेटे के कपूत होने की बात तो सुनी है, पर माता कभी कुमाता नहीं सुनी गई। आप सब पर करुणा दिखाती हैं, अमृत बरसाती हैं और दुखियों के दुख दूर करती हैं।

नहीं माँगते धन और दौलत, ना चाँदी ना सोना माँ। हम तो माँगें माँ तेरे मन में, इक छोटा सा कोना॥ सबकी बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली, सतियों के सत को सँवारती। ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥

माँ, हम धन-दौलत, चाँदी या सोना नहीं माँगते — बस आपके मन में एक छोटा-सा कोना चाहते हैं। आप सबकी बिगड़ी बनाती हैं, लाज बचाती हैं और सती-साध्वी स्त्रियों के सत की रक्षा करती हैं।

चरण शरण में खड़े तुम्हारी, ले पूजा की थाली। वरद हस्त सर पर रख दो, माँ संकट हरने वाली॥ माँ भर दो भक्ति रस प्याली, अष्ट भुजाओं वाली, भक्तों के कारज तू ही सारती। ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥

पूजा की थाली लेकर हम आपके चरणों की शरण में खड़े हैं। हे संकट हरने वाली माँ, हमारे सिर पर वरदान देने वाला हाथ रख दो। हे आठ भुजाओं वाली, हमारा भक्ति-रस का प्याला भर दो — भक्तों के सारे काम आप ही पूरे करती हैं।

अम्बे तू है जगदम्बे काली — आरती का पाठ पूरा हुआ।

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पाठ पारंपरिक है और अलग-अलग क्षेत्रों में शब्दों में थोड़ा अंतर मिलता है। अर्थ सरल हिंदी में OmKiran Bhakti ने लिखा है। कोई त्रुटि दिखे तो YouTube पर कमेंट करके बताएँ।

साथ में गाएँ — वीडियो

Ambe Tu Hai Jagadambe Kali — Lyrics in English

अंग्रेज़ी अक्षरों (Roman Hindi) में पढ़ें

Ambe tu hai jagadambe kali, jai durge khappar vali ।
Tere hi gun gaen bharti ।
O maiya ham sab utaren teri arti ॥

Tere bhakt janon par, bhir pari hai bhari man ।
Danav dal par tut paro, man karke sinh savari ॥
Sau-sau sinhon se balshali, asht bhujaon vali,
Dushton ko pal men sanharti ।
O maiya ham sab utaren teri arti ॥

Man bete ka hai is jag men, bara hi nirmal nata ।
Put-kaput sune hain par na, mata suni kumata ॥
Sab pe karuna darsane vali, amrit barsane vali,
Dukhiyon ke dukhre nivarti ।
O maiya ham sab utaren teri arti ॥

Nahin mangte dhan aur daulat, na chandi na sona man ।
Ham to mangen man tere man men, ik chhota sa kona ॥
Sabki bigri banane vali, laj bachane vali,
Satiyon ke sat ko sanvarti ।
O maiya ham sab utaren teri arti ॥

Charan sharan men khare tumhari, le puja ki thali ।
Varad hast sar par rakh do, man sankat harne vali ॥
Man bhar do bhakti ras pyali, asht bhujaon vali,
Bhakton ke karaj tu hi sarti ।
O maiya ham sab utaren teri arti ॥

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती कब गाते हैं?

नवरात्रि के नौ दिन, दुर्गा अष्टमी, माता की चौकी और जागरण में, जय अम्बे गौरी आरती के साथ या उसके बाद।

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