हनुमान चालीसा — सरगम नोट्स
| बोल | सरगम (हारमोनियम नोट्स) |
|---|---|
| श्रीगुरु चरन सरोज रज | सा – सा सा सा सा रे रे ग – रे ग ग |
| निज मनु मुकुरु सुधारि | प प प म म रे रे सा सा – सा – |
| जय हनुमान ज्ञान गुन सागर | सा रे रे प – प प ध प म ग ग रे रे |
| जय कपीस तिहुँ लोक उजागर | प – म ग रे रे सा नि नि ध रे रे रे सा सा – |
संकेत कैसे पढ़ें: सुर के नीचे बिंदु = मंद्र सप्तक (नीचे वाला), ऊपर बिंदु = तार सप्तक (ऊपर वाला), नीचे लकीर = कोमल सुर (काली पट्टी), ऊपर लकीर = तीव्र म, – = पिछला सुर एक मात्रा और खींचें। नोट्स सबसे प्रचलित धुन के हिसाब से हैं; आपके इलाक़े या मंडली की धुन थोड़ी अलग हो सकती है।
धुन के बारे में
चालीसा की हर चौपाई इसी धुन पर चलती है — दो पंक्तियाँ सीख लीं तो पूरी चालीसा बजा सकते हैं। ऊपर दोहा और पहली चौपाई की धुन है; आगे की चौपाइयाँ (राम दूत अतुलित बल धामा…) पहली चौपाई वाली धुन पर ही गाई जाती हैं।
कैसे सीखें
- ▶ बजाएँ से पूरी धुन असली रफ़्तार पर एक-दो बार सुनें।
- रफ़्तार 60–70% पर लाएँ, किसी एक पंक्ति पर टैप करें, "चुनी पंक्ति दोहराएँ" लगाएँ और ✋ अभ्यास मोड में बजाएँ।
- एक पंक्ति बिना रुके बजने लगे, तब अगली पंक्ति पर जाएँ।
- आख़िर में रफ़्तार धीरे-धीरे 100% तक लाएँ और पूरी आरती गाते हुए बजाएँ।
पूरी आरती के बोल और अर्थ: हनुमान चालीसा।
