मइया चलली कैलाश — माँ दुर्गा बिदाई गीत — पूरे बोल और हिंदी अर्थ
‘मइया चलली कैलाश’ माँ दुर्गा का भोजपुरी बिदाई गीत है, जो नवरात्रि के बाद विजयादशमी पर मूर्ति विसर्जन के समय गाया जाता है। इसमें भक्त माँ को अपनी बेटी की तरह खोइंछा भरकर विदा करते हैं और विनती करते हैं कि अगली नवरात्रि में फिर आना। मूल बोल Gogy Goyal (GG) के हैं, कॉपीराइट OmKiran Bhakti का है।
OmKiran Bhakti का मौलिक गीत · मूल बोल: Gogy Goyal (GG) · © OmKiran Bhakti। साथ में पढ़ें जय अम्बे गौरी आरती और दुर्गा चालीसा।
गाने का क्रम: मुखड़ा → अंतरा 1 → मुखड़ा → अंतरा 2 → मुखड़ा → अंतरा 3 → मुखड़ा दो बार (आख़िरी बार धीमे होते हुए)।

मुखड़ा
मइया चलली कैलाश, सूना भइल अँगना। अगिला बरिस फेरु अइहऽ, लोरे भरल नयना॥
माँ दुर्गा कैलाश की ओर चल पड़ीं और उनके जाते ही घर-आँगन सूना हो गया। आँसुओं से भरी आँखों से हम विनती करते हैं — माँ, अगले बरस फिर आना।
अंतरा 1 — खोइंछा
भरलीं खोइंछा तोर, अँचरा हरदी-दूब। मइया के माथा चूमि, रोवे सखियन खूब॥
हमने तुम्हारा खोइंछा भरा — आँचल में हल्दी और दूब बाँधी। (खोइंछा: विदा होती बेटी के आँचल में चावल, हल्दी, दूब आदि बाँधने की शुभ रस्म।) माँ का माथा चूमकर सखियाँ फूट-फूटकर रो रही हैं।
सेनुरा से माँग सजल, हथवा भरल कँगना। बेटी नियर बिदा करीं, छोड़ि नइहर अँगना॥
सिंदूर से माँग सजी है और हाथ कंगनों से भरे हैं। हम माँ को अपनी बेटी की तरह विदा कर रहे हैं, जो आज मायके का आँगन छोड़कर ससुराल (कैलाश) जा रही है।
अंतरा 2 — बिदाई की घड़ी
गूँजे जयकार दुआर, बाजे ढोल-मँजीर। गाँव के सगरी बहिनी, मनवा धरे न धीर॥
द्वार पर माँ के जयकारे गूँज रहे हैं, ढोल और मंजीरे बज रहे हैं। पर गाँव की सारी बहनों का मन धीरज नहीं धर पा रहा।
सिंघ चढ़ि मइया जाली, भइल आज बिदाई। धइके अँचरवा रोवे, रोकि न सके माई॥
माँ सिंह पर सवार होकर जा रही हैं — आज उनकी बिदाई हो गई। घर की माँ उनका आँचल पकड़कर रोती है, पर उन्हें रोक नहीं पाती।
अंतरा 3 — विनती
पूरा बरिस के दूरी, कइसे कटिहें रात। सुन लऽ मइया हमनी के, एके गो बा बात॥
अब पूरे एक साल की दूरी है, ये रातें कैसे कटेंगी? माँ, हमारी बस एक ही बात सुन लो —
जहँवा रहिहऽ ए मइया, बिसरइहऽ जनि हमके। अइहऽ फेरु नवरात में, झोली भरिहऽ सबके॥
हे माँ, तुम जहाँ भी रहो, हमें भूलना मत। अगली नवरात्रि में फिर आना और सबकी झोली खुशियों से भर देना।
मइया चलली कैलाश — माँ दुर्गा बिदाई गीत का पाठ पूरा हुआ।
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- मूल बोल (Original Lyrics)
- Gogy Goyal (GG)
- कॉपीराइट (Copyright)
- © OmKiran Bhakti
यह OmKiran Bhakti का मौलिक गीत है। बोल का अर्थ OmKiran Bhakti ने सरल हिंदी में लिखा है। बिना अनुमति बोल को कहीं और छापना या व्यावसायिक उपयोग करना मना है; शेयर करने के लिए इस पेज का लिंक भेजें।
पाठ पारंपरिक है और अलग-अलग क्षेत्रों में शब्दों में थोड़ा अंतर मिलता है। अर्थ सरल हिंदी में OmKiran Bhakti ने लिखा है। कोई त्रुटि दिखे तो YouTube पर कमेंट करके बताएँ।
