रघुपति राघव राजाराम — सरगम नोट्स
| बोल | सरगम (हारमोनियम नोट्स) |
|---|---|
| रघुपति राघव राजा राम | सा सा सा सा सा सा नि ध नि रे सा रे म ग म – |
| पतित पावन सीताराम | रे ग रे सा नि ध नि ग रे रे सा – |
| सीताराम सीताराम | ग ग ग म ग रे सा रे म ग म – |
| भज प्यारे तू सीताराम | रे रे म प ध प म ग रे रे – |
| रघुपति राघव राजा राम | सा सा सा सा सा सा नि ध नि रे सा रे म ग म – |
| पतित पावन सीताराम | रे ग रे सा नि ध नि ग रे रे सा – |
संकेत कैसे पढ़ें: सुर के नीचे बिंदु = मंद्र सप्तक (नीचे वाला), ऊपर बिंदु = तार सप्तक (ऊपर वाला), नीचे लकीर = कोमल सुर (काली पट्टी), ऊपर लकीर = तीव्र म, – = पिछला सुर एक मात्रा और खींचें। नोट्स सबसे प्रचलित धुन के हिसाब से हैं; आपके इलाक़े या मंडली की धुन थोड़ी अलग हो सकती है।
धुन के बारे में
गांधी जी की प्रार्थना सभाओं से घर-घर पहुँची यह राम धुन। इसमें कोमल ग (ग॒) और कोमल ध (ध॒) भी आते हैं — दोनों काली पट्टियाँ। शुरुआत में रफ़्तार 60–70% रखें।
कैसे सीखें
- ▶ बजाएँ से पूरी धुन असली रफ़्तार पर एक-दो बार सुनें।
- रफ़्तार 60–70% पर लाएँ, किसी एक पंक्ति पर टैप करें, "चुनी पंक्ति दोहराएँ" लगाएँ और ✋ अभ्यास मोड में बजाएँ।
- एक पंक्ति बिना रुके बजने लगे, तब अगली पंक्ति पर जाएँ।
- आख़िर में रफ़्तार धीरे-धीरे 100% तक लाएँ और पूरी आरती गाते हुए बजाएँ।
पूरी आरती के बोल और अर्थ: रघुपति राघव राजाराम।
