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अपरा एकादशी कब है?

अपरा एकादशी 2027 में 1 जून 2027, मंगलवार को है। यह ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है, जिसे अचला एकादशी भी कहते हैं। व्रत का पारण 2 जून: सुबह 5:23 के बाद, सुबह 8:29 से पहले करें।

अपरा एकादशी

अपरा एकादशी: तारीख़ और पारण समय

सालतारीख़एकादशी तिथिपारण (व्रत खोलना)
20271 जून 2027, मंगलवारसुबह 10:03, 31 मई से
सुबह 9:40, 1 जून तक
2 जून: सुबह 5:23 के बाद, सुबह 8:29 से पहले

उदया तिथि के नियम से, नई दिल्ली के अनुसार।

अपरा एकादशी का महत्व

कहाँ मनाया जाता है: पूरे भारत में

‘अपरा’ का अर्थ है अपार। यह व्रत बड़े पापों से छुटकारा दिलाने और अपार पुण्य देने वाला माना गया है।

कभी-कभी स्मार्त (गृहस्थ) और वैष्णव एकादशी अलग-अलग दिन पड़ती है; वैष्णव परंपरा वाले अगले दिन व्रत रखते हैं।

अपरा एकादशी की पूजा विधि

  1. दशमी की रात से सात्विक भोजन करें और चावल न खाएँ।
  2. एकादशी की सुबह स्नान करके भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें।
  3. विष्णु जी को पीले फूल, तुलसी दल, फल और पंचामृत चढ़ाएँ, घी का दीपक जलाएँ।
  4. ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें, विष्णु सहस्रनाम या एकादशी कथा पढ़ें।
  5. दिन में फलाहार या निर्जल व्रत अपनी क्षमता के अनुसार रखें, रात में भजन-कीर्तन करें।
  6. अगले दिन (द्वादशी) सूर्योदय के बाद, द्वादशी खत्म होने से पहले दान देकर व्रत खोलें (पारण)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अपरा एकादशी 2027 कब है?

अपरा एकादशी 2027 में 1 जून 2027, मंगलवार को है। यह ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है, जिसे अचला एकादशी भी कहते हैं। व्रत का पारण 2 जून: सुबह 5:23 के बाद, सुबह 8:29 से पहले करें।

अपरा एकादशी का पारण कब है?

2 जून: सुबह 5:23 के बाद, सुबह 8:29 से पहले (नई दिल्ली)।

अपरा एकादशी का महत्व क्या है?

अपार पुण्य देने वाली एकादशी। ‘अपरा’ का अर्थ है अपार। यह व्रत बड़े पापों से छुटकारा दिलाने और अपार पुण्य देने वाला माना गया है।

एकादशी के व्रत में क्या खा सकते हैं?

फल, दूध, दही, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा, आलू, शकरकंद और सेंधा नमक। चावल, गेहूँ, दालें, प्याज़-लहसुन और साधारण नमक नहीं खाते।

एकादशी का पारण कब करें?

अगले दिन द्वादशी तिथि में, सूर्योदय के बाद। हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई हिस्सा) बीत जाने पर पारण करना श्रेष्ठ माना गया है।

एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?

परंपरा के अनुसार एकादशी पर अन्न, ख़ासकर चावल, का त्याग किया जाता है, ताकि मन और शरीर हल्का रहे और ध्यान भगवान में लगे।

Apara Ekadashi 2027 date and parana time?

Apara Ekadashi 2027: 01 June 2027. Parana (vrat kholna): 2 जून: सुबह 5:23 के बाद, सुबह 8:29 से पहले (New Delhi).

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