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पौष पुत्रदा एकादशी कब है?

पौष पुत्रदा एकादशी 2027 में 19 जनवरी 2027, मंगलवार को है। यह पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। व्रत का पारण 20 जनवरी: सुबह 7:14 के बाद, सुबह 4:42 से पहले करें।

पौष पुत्रदा एकादशी

पौष पुत्रदा एकादशी: तारीख़ और पारण समय

सालतारीख़एकादशी तिथिपारण (व्रत खोलना)
202719 जनवरी 2027, मंगलवारसुबह 10:28, 18 जनवरी से
सुबह 7:50, 19 जनवरी तक
20 जनवरी: सुबह 7:14 के बाद, सुबह 4:42 से पहले

उदया तिथि के नियम से, नई दिल्ली के अनुसार।

पौष पुत्रदा एकादशी का महत्व

कहाँ मनाया जाता है: पूरे भारत में

संतान सुख के लिए यह व्रत रखा जाता है। कथा भद्रावती के राजा सुकेतुमान की है, जिन्हें इस व्रत से पुत्र प्राप्त हुआ।

कभी-कभी स्मार्त (गृहस्थ) और वैष्णव एकादशी अलग-अलग दिन पड़ती है; वैष्णव परंपरा वाले अगले दिन व्रत रखते हैं।

पौष पुत्रदा एकादशी की पूजा विधि

  1. दशमी की रात से सात्विक भोजन करें और चावल न खाएँ।
  2. एकादशी की सुबह स्नान करके भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें।
  3. विष्णु जी को पीले फूल, तुलसी दल, फल और पंचामृत चढ़ाएँ, घी का दीपक जलाएँ।
  4. ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें, विष्णु सहस्रनाम या एकादशी कथा पढ़ें।
  5. दिन में फलाहार या निर्जल व्रत अपनी क्षमता के अनुसार रखें, रात में भजन-कीर्तन करें।
  6. अगले दिन (द्वादशी) सूर्योदय के बाद, द्वादशी खत्म होने से पहले दान देकर व्रत खोलें (पारण)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पौष पुत्रदा एकादशी 2027 कब है?

पौष पुत्रदा एकादशी 2027 में 19 जनवरी 2027, मंगलवार को है। यह पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। व्रत का पारण 20 जनवरी: सुबह 7:14 के बाद, सुबह 4:42 से पहले करें।

पौष पुत्रदा एकादशी का पारण कब है?

20 जनवरी: सुबह 7:14 के बाद, सुबह 4:42 से पहले (नई दिल्ली)।

पौष पुत्रदा एकादशी का महत्व क्या है?

संतान सुख के लिए रखी जाने वाली एकादशी। संतान सुख के लिए यह व्रत रखा जाता है। कथा भद्रावती के राजा सुकेतुमान की है, जिन्हें इस व्रत से पुत्र प्राप्त हुआ।

एकादशी के व्रत में क्या खा सकते हैं?

फल, दूध, दही, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा, आलू, शकरकंद और सेंधा नमक। चावल, गेहूँ, दालें, प्याज़-लहसुन और साधारण नमक नहीं खाते।

एकादशी का पारण कब करें?

अगले दिन द्वादशी तिथि में, सूर्योदय के बाद। हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई हिस्सा) बीत जाने पर पारण करना श्रेष्ठ माना गया है।

एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?

परंपरा के अनुसार एकादशी पर अन्न, ख़ासकर चावल, का त्याग किया जाता है, ताकि मन और शरीर हल्का रहे और ध्यान भगवान में लगे।

Paush Putrada Ekadashi 2027 date and parana time?

Paush Putrada Ekadashi 2027: 19 January 2027. Parana (vrat kholna): 20 जनवरी: सुबह 7:14 के बाद, सुबह 4:42 से पहले (New Delhi).

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