देवशयनी एकादशी कब है?
देवशयनी एकादशी 2027 में 14 जुलाई 2027, बुधवार को है। यह आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है, जिसे हरिशयनी, पद्मा एकादशी भी कहते हैं। व्रत का पारण 15 जुलाई: सुबह 5:33 के बाद, दोपहर 2:41 से पहले करें।

देवशयनी एकादशी: तारीख़ और पारण समय
| साल | तारीख़ | एकादशी तिथि | पारण (व्रत खोलना) |
|---|---|---|---|
| 2027 | 14 जुलाई 2027, बुधवार | दोपहर 12:09, 13 जुलाई से दोपहर 1:11, 14 जुलाई तक | 15 जुलाई: सुबह 5:33 के बाद, दोपहर 2:41 से पहले |
उदया तिथि के नियम से, नई दिल्ली के अनुसार।
देवशयनी एकादशी का महत्व
कहाँ मनाया जाता है: पूरे भारत में
इस दिन भगवान विष्णु क्षीर सागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास शुरू होता है। अगले चार महीने विवाह जैसे शुभ काम नहीं होते, जो देवउठनी एकादशी पर फिर शुरू होते हैं।
महाराष्ट्र में इसे आषाढ़ी एकादशी कहते हैं, जब पंढरपुर में विठ्ठल के दर्शन के लिए वारी पहुँचती है।
कभी-कभी स्मार्त (गृहस्थ) और वैष्णव एकादशी अलग-अलग दिन पड़ती है; वैष्णव परंपरा वाले अगले दिन व्रत रखते हैं।
देवशयनी एकादशी की पूजा विधि
- दशमी की रात से सात्विक भोजन करें और चावल न खाएँ।
- एकादशी की सुबह स्नान करके भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें।
- विष्णु जी को पीले फूल, तुलसी दल, फल और पंचामृत चढ़ाएँ, घी का दीपक जलाएँ।
- ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें, विष्णु सहस्रनाम या एकादशी कथा पढ़ें।
- दिन में फलाहार या निर्जल व्रत अपनी क्षमता के अनुसार रखें, रात में भजन-कीर्तन करें।
- अगले दिन (द्वादशी) सूर्योदय के बाद, द्वादशी खत्म होने से पहले दान देकर व्रत खोलें (पारण)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
देवशयनी एकादशी 2027 कब है?
देवशयनी एकादशी 2027 में 14 जुलाई 2027, बुधवार को है। यह आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है, जिसे हरिशयनी, पद्मा एकादशी भी कहते हैं। व्रत का पारण 15 जुलाई: सुबह 5:33 के बाद, दोपहर 2:41 से पहले करें।
देवशयनी एकादशी का पारण कब है?
15 जुलाई: सुबह 5:33 के बाद, दोपहर 2:41 से पहले (नई दिल्ली)।
देवशयनी एकादशी का महत्व क्या है?
भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने का दिन, चातुर्मास शुरू। इस दिन भगवान विष्णु क्षीर सागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास शुरू होता है। अगले चार महीने विवाह जैसे शुभ काम नहीं होते, जो देवउठनी एकादशी पर फिर शुरू होते हैं।
एकादशी के व्रत में क्या खा सकते हैं?
फल, दूध, दही, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा, आलू, शकरकंद और सेंधा नमक। चावल, गेहूँ, दालें, प्याज़-लहसुन और साधारण नमक नहीं खाते।
एकादशी का पारण कब करें?
अगले दिन द्वादशी तिथि में, सूर्योदय के बाद। हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई हिस्सा) बीत जाने पर पारण करना श्रेष्ठ माना गया है।
एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?
परंपरा के अनुसार एकादशी पर अन्न, ख़ासकर चावल, का त्याग किया जाता है, ताकि मन और शरीर हल्का रहे और ध्यान भगवान में लगे।
Devshayani Ekadashi 2027 date and parana time?
Devshayani Ekadashi 2027: 14 July 2027. Parana (vrat kholna): 15 जुलाई: सुबह 5:33 के बाद, दोपहर 2:41 से पहले (New Delhi).
