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धनतेरस पूजा विधि: धन्वंतरि, कुबेर और यम दीपदान

धनतेरस (6 नवंबर 2026) की पूजा शाम को प्रदोष काल में होती है — दिल्ली में शाम 5:32 से 7:56 बजे तक। चौकी पर धन्वंतरि, कुबेर और लक्ष्मी-गणेश की तस्वीर रखें, दीपक जलाएँ, नई ख़रीदी चीज़ें पूजा में रखें और मंत्र-आरती करें। आख़िर में घर के बाहर दक्षिण दिशा में यमराज के लिए चौमुखा दीपक जलाएँ।

पूजा सामग्री

  • लकड़ी की चौकी, लाल या पीला कपड़ा
  • भगवान धन्वंतरि, कुबेर और लक्ष्मी-गणेश की तस्वीर या मूर्ति
  • घी का दीपक, 13 मिट्टी के दीये, एक चौमुखा दीपक (यम दीपदान के लिए)
  • रोली, अक्षत (साबुत चावल), हल्दी, फूल, धूप-अगरबत्ती
  • मिठाई, फल, साबुत धनिया, गुड़
  • नई ख़रीदी चीज़ें — बर्तन, सिक्का या गहना
  • सब सामान एक जगह: पूजा सामग्री ख़रीदें

पूजा की विधि — स्टेप बाय स्टेप

  1. शाम से पहले घर की सफ़ाई करें और मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएँ।
  2. प्रदोष काल में उत्तर या पूर्व की ओर मुँह करके बैठें। चौकी पर कपड़ा बिछाकर तस्वीरें रखें।
  3. सबसे पहले गणेश जी का ध्यान करें, फिर दीपक जलाकर संकल्प लें।
  4. धन्वंतरि पूजा: रोली, अक्षत, फूल चढ़ाएँ और ‘ॐ धन्वंतरये नमः’ का 11 या 108 बार जाप करें। परिवार के अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करें।
  5. कुबेर पूजा: नई ख़रीदी चीज़ें और तिजोरी या पर्स पूजा में रखें, रोली-अक्षत चढ़ाएँ और कुबेर मंत्र का जाप करें।
  6. लक्ष्मी पूजा: माँ लक्ष्मी को फूल, मिठाई और साबुत धनिया अर्पित करें।
  7. धन्वंतरि आरती और कुबेर आरती करें, फिर प्रसाद बाँटें।
  8. घर में 13 दीये जलाएँ — मुख्य द्वार, रसोई, तुलसी और पानी की जगह पर।

यम दीपदान कैसे करें

  1. पूजा के बाद आटे या मिट्टी का चौमुखा दीपक लें और उसमें सरसों का तेल डालें।
  2. घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुँह करके दीपक रखें।
  3. यमराज से परिवार की लंबी उम्र की प्रार्थना करें। मंत्र और पूरी विधि: यम दीपदान मंत्र।
  4. दीपक जलाकर बिना पीछे मुड़े घर के अंदर आ जाएँ।

पूजा का समय

त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर सुबह 10:31 से 7 नवंबर सुबह 10:49 तक है। पूजा 6 नवंबर की शाम प्रदोष काल में करें — दिल्ली में 5:32 से 7:56 बजे तक। दूसरे शहरों का समय और धनतेरस की पूरी जानकारी।

जानकारी की जाँच: 27 अक्टूबर 2026। ये परंपराएँ और मान्यताएँ हैं; अपने परिवार की रीति को प्राथमिकता दें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

धनतेरस की पूजा कब करें?

6 नवंबर 2026 की शाम प्रदोष काल में — दिल्ली में शाम 5:32 से 7:56 बजे तक।

धनतेरस पर किसकी पूजा होती है?

भगवान धन्वंतरि (स्वास्थ्य), कुबेर जी (धन) और माँ लक्ष्मी की, और शाम को यमराज के लिए दीपदान।

धनतेरस पर कितने दीये जलाते हैं?

परंपरा में 13 दीये जलाए जाते हैं, और एक चौमुखा दीपक यम के लिए दक्षिण दिशा में।

यम दीपक किस दिशा में रखें?

घर के मुख्य द्वार के बाहर, दक्षिण दिशा की ओर।

धन्वंतरि जी का मंत्र क्या है?

‘ॐ धन्वंतरये नमः’ — इसका 11 या 108 बार जाप किया जाता है।

क्या धनतेरस पर व्रत रखते हैं?

धनतेरस पर व्रत ज़रूरी नहीं है; मुख्य बात शाम की पूजा और दीपदान है।

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