श्रावण पुत्रदा एकादशी कब है?
श्रावण पुत्रदा एकादशी 2027 में 12 अगस्त 2027, गुरुवार को है। यह श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है, जिसे पवित्रा एकादशी भी कहते हैं। व्रत का पारण 13 अगस्त: सुबह 5:49 के बाद करें।

श्रावण पुत्रदा एकादशी: तारीख़ और पारण समय
| साल | तारीख़ | एकादशी तिथि | पारण (व्रत खोलना) |
|---|---|---|---|
| 2027 | 12 अगस्त 2027, गुरुवार | रात 12:59, 12 अगस्त से रात 3:00, 13 अगस्त तक | 13 अगस्त: सुबह 5:49 के बाद |
उदया तिथि के नियम से, नई दिल्ली के अनुसार।
श्रावण पुत्रदा एकादशी का महत्व
कहाँ मनाया जाता है: पूरे भारत में
संतान की इच्छा रखने वाले दंपति यह व्रत रखते हैं। कथा के अनुसार महिष्मती के राजा महीजित को इसी व्रत से पुत्र मिला था।
कभी-कभी स्मार्त (गृहस्थ) और वैष्णव एकादशी अलग-अलग दिन पड़ती है; वैष्णव परंपरा वाले अगले दिन व्रत रखते हैं।
श्रावण पुत्रदा एकादशी की पूजा विधि
- दशमी की रात से सात्विक भोजन करें और चावल न खाएँ।
- एकादशी की सुबह स्नान करके भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें।
- विष्णु जी को पीले फूल, तुलसी दल, फल और पंचामृत चढ़ाएँ, घी का दीपक जलाएँ।
- ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें, विष्णु सहस्रनाम या एकादशी कथा पढ़ें।
- दिन में फलाहार या निर्जल व्रत अपनी क्षमता के अनुसार रखें, रात में भजन-कीर्तन करें।
- अगले दिन (द्वादशी) सूर्योदय के बाद, द्वादशी खत्म होने से पहले दान देकर व्रत खोलें (पारण)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
श्रावण पुत्रदा एकादशी 2027 कब है?
श्रावण पुत्रदा एकादशी 2027 में 12 अगस्त 2027, गुरुवार को है। यह श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है, जिसे पवित्रा एकादशी भी कहते हैं। व्रत का पारण 13 अगस्त: सुबह 5:49 के बाद करें।
श्रावण पुत्रदा एकादशी का पारण कब है?
13 अगस्त: सुबह 5:49 के बाद (नई दिल्ली)।
श्रावण पुत्रदा एकादशी का महत्व क्या है?
संतान सुख के लिए रखी जाने वाली एकादशी। संतान की इच्छा रखने वाले दंपति यह व्रत रखते हैं। कथा के अनुसार महिष्मती के राजा महीजित को इसी व्रत से पुत्र मिला था।
एकादशी के व्रत में क्या खा सकते हैं?
फल, दूध, दही, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा, आलू, शकरकंद और सेंधा नमक। चावल, गेहूँ, दालें, प्याज़-लहसुन और साधारण नमक नहीं खाते।
एकादशी का पारण कब करें?
अगले दिन द्वादशी तिथि में, सूर्योदय के बाद। हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई हिस्सा) बीत जाने पर पारण करना श्रेष्ठ माना गया है।
एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?
परंपरा के अनुसार एकादशी पर अन्न, ख़ासकर चावल, का त्याग किया जाता है, ताकि मन और शरीर हल्का रहे और ध्यान भगवान में लगे।
Shravana Putrada Ekadashi 2027 date and parana time?
Shravana Putrada Ekadashi 2027: 12 August 2027. Parana (vrat kholna): 13 अगस्त: सुबह 5:49 के बाद (New Delhi).
