सूर्य के 12 नाम — सूर्य नमस्कार मंत्र और अर्घ्य मंत्र
सूर्य नमस्कार के बारह चक्रों में सूर्य के बारह नाम — मित्र, रवि, सूर्य, भानु, खग, पूषा, हिरण्यगर्भ, मरीचि, आदित्य, सविता, अर्क और भास्कर — क्रम से बोले जाते हैं।
छठ पूजा और रविवार को सूर्य अर्घ्य के समय।

सूर्य के 12 नाम (सूर्य नमस्कार मंत्र)
ॐ मित्राय नमः। ॐ रवये नमः। ॐ सूर्याय नमः। ॐ भानवे नमः। ॐ खगाय नमः। ॐ पूष्णे नमः। ॐ हिरण्यगर्भाय नमः। ॐ मरीचये नमः। ॐ आदित्याय नमः। ॐ सवित्रे नमः। ॐ अर्काय नमः। ॐ भास्कराय नमः॥
सबके मित्र, चमकने वाले, कर्म की प्रेरणा देने वाले, प्रकाश देने वाले, आकाश में चलने वाले, पोषण करने वाले, सृष्टि का स्वर्णिम गर्भ, किरणों वाले, अदिति के पुत्र, जीवन देने वाले, पूजनीय और प्रकाश फैलाने वाले सूर्य को नमस्कार। सूर्य नमस्कार के बारह चक्रों में एक-एक नाम बोला जाता है।
अर्घ्य मंत्र
एहि सूर्य सहस्रांशो तेजोराशे जगत्पते। अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर॥
हे हज़ार किरणों वाले, तेज के भंडार, जगत के स्वामी सूर्यदेव, आइए; मुझ पर कृपा कीजिए और भक्ति से दिया यह अर्घ्य स्वीकार कीजिए।
सूर्य गायत्री
ॐ भास्कराय विद्महे महाद्युतिकराय धीमहि। तन्नो आदित्यः प्रचोदयात्॥
हम भास्कर को जानें, महान प्रकाश देने वाले का ध्यान करें; वे आदित्य हमें प्रेरित करें।
सूर्य के 12 नाम का पाठ पूरा हुआ।
किसी अपने को WhatsApp पर भेजेंपाठ पारंपरिक है और अलग-अलग क्षेत्रों में शब्दों में थोड़ा अंतर मिलता है। अर्थ सरल हिंदी में OmKiran Bhakti ने लिखा है। कोई त्रुटि दिखे तो YouTube पर कमेंट करके बताएँ।

