OmKiran BhaktiOmKiran Bhaktiभजन, आरती, चालीसा और मंत्र

पाठ संग्रह

156 पाठ — हर पंक्ति के सरल हिंदी अर्थ के साथ। पूजा के समय फ़ोन पर बड़े अक्षरों में पढ़ें या प्रिंट करें। हर हफ़्ते नए पाठ जुड़ते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गणेश जी की कौन-कौन सी आरती हैं?

गणेश जी की तीन सबसे प्रसिद्ध आरतियाँ हैं: ‘जय गणेश जय गणेश देवा’ (पूरे उत्तर भारत में), ‘सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची’ (महाराष्ट्र की मराठी आरती, समर्थ रामदास कृत) और ‘शेंदुर लाल चढ़ायो’ (महाराष्ट्र)।

माता रानी (दुर्गा माँ) की कौन-कौन सी आरती हैं?

‘जय अम्बे गौरी’ (हर घर और मंदिर में), ‘अम्बे तू है जगदम्बे काली’ (नवरात्रि और चौकी में), ‘मंगल की सेवा सुन मेरी देवा’ (माँ काली की), ‘जय वैष्णवी माता’ (जम्मू, पंजाब, हिमाचल) और ‘सुन मेरी देवी पर्वतवासनी’ (विंध्याचल, उत्तर प्रदेश)।

नवरात्रि में कौन सी आरती गाते हैं?

सुबह-शाम जय अम्बे गौरी, और चौकी-जागरण में अम्बे तू है जगदम्बे काली तथा मंगल की सेवा। साथ में दुर्गा चालीसा का पाठ होता है।

शिव जी की कौन-कौन सी आरती हैं?

‘ॐ जय शिव ओंकारा’ (सबसे प्रचलित) और ‘ॐ जय गंगाधर’। सावन और महाशिवरात्रि पर शिव चालीसा के साथ गाई जाती हैं।

कृष्ण जी की कौन-कौन सी आरती हैं?

‘आरती कुंजबिहारी की’ (जन्माष्टमी और रोज़ की पूजा), ‘श्री गोवर्धन महाराज’ (गोवर्धन पूजा) और ‘ॐ जय श्री श्याम हरे’ (खाटू श्याम जी, राजस्थान)।

लक्ष्मी पूजा और दिवाली पर कौन सी आरती गाएँ?

‘ॐ जय लक्ष्मी माता’, ‘जय गणेश देवा’ और अंत में ‘ॐ जय जगदीश हरे’।

हर पूजा के अंत में कौन सी आरती गाई जाती है?

‘ॐ जय जगदीश हरे’ — भगवान विष्णु की यह आरती लगभग हर पूजा के अंत में गाई जाती है।

हनुमान जी और शनि देव की आरती कौन सी है?

हनुमान जी: ‘आरती कीजै हनुमान लला की’; शनि देव: ‘जय जय श्री शनिदेव’। मंगलवार-शनिवार को गाई जाती हैं।

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